हरियाणा में 60 सरकारी ITI होंगी अपग्रेड, PM-सेतु के तहत 12 क्लस्टरों में होगा आधुनिकीकरण

 | 
हरियाणा में 60 सरकारी ITI होंगी अपग्रेड, PM-सेतु के तहत 12 क्लस्टरों में होगा आधुनिकीकरण

Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा में औद्योगिक जरूरतों के हिसाब से कौशल प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) के तहत प्रदेश के 12 क्लस्टरों में 60 सरकारी आईटीआई को अगले पांच वर्षों में अपग्रेड किया जाएगा। इन संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

यह जानकारी आज यहां मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई पीएम-सेतु और राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (एनएपीएस) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में कौशल प्रशिक्षण को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बनाने, उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए नए पाठ्यक्रम विकसित करने तथा अप्रेंटिसशिप एवं रोजगार के अवसरों से प्रशिक्षण को प्रभावी रूप से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई।

युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा ने बताया कि पीएम-सेतु के तहत हरियाणा में 12 क्लस्टरों की पहचान की गई है, जिनमें 60 हब-एंड-स्पोक आईटीआई शामिल हैं। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत देशभर में 60,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1,000 आईटीआई का उन्नयन किया जाना है, जिनमें 200 हब और 800 स्पोक शामिल हैं। इसके अलावा, पांच वर्षों में 20 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य है।

पीएम-सेतु की एक प्रमुख विशेषता इसका उद्योग आधारित संचालन माॅडल है। हर क्लस्टर के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर को संबंधित स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जाएगी। एंकर इंडस्ट्री पार्टनर स्थानीय श्रम बाजार की मांग और भविष्य की कौशल आवश्यकताओं के आधार पर पांच वर्षीय रणनीतिक निवेश योजना तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। योजना के तहत प्रशिक्षण की रोजगारपरकता, प्लेसमेंट की गुणवत्ता और वेतन स्तर से जुड़े स्पष्ट परिणाम निर्धारित किए जाएंगे।

उद्योग भागीदारों द्वारा उभरती रोजगार भूमिकाओं की पहचान, मौजूदा पाठ्यक्रमों का पुनर्गठन, नए पाठ्यक्रमों का विकास, उद्योग विशेषज्ञों एवं मास्टर ट्रेनरों की सेवाएं उपलब्ध कराने तथा कार्यशालाओं, प्रयोगशालाओं और डिजिटल कक्षाओं के आधुनिकीकरण में सहयोग किया जाएगा। इसके साथ ही अप्रेंटिसशिप, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और रोजगार के लिए मजबूत पाइप लाइन विकसित की जाएगी।

योजना के तहत प्रत्येक हब आईटीआई के लिए अधिकतम 81 करोड़ रुपये तथा प्रत्येक स्पोक आईटीआई के लिए अधिकतम 40 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान है। योजना के 60,000 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय परिव्यय में 200 हब और 800 स्पोक आईटीआई के उन्नयन के लिए 56,900 करोड़ रुपये, पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा डिजिटल बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सहायता के लिए 1,600 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

राज्य मंे कुरुक्षेत्र, कलायत, सोनीपत, झज्जर और पलवल सहित पांच क्लस्टरों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। कुरुक्षेत्र और कलायत क्लस्टरों के लिए प्राप्त निविदाओं का मूल्यांकन कर राज्य संचालन समिति के समक्ष रखा गया। समिति ने संबंधित प्रस्तावों और रणनीतिक निवेश योजनाओं को मंजूरी प्रदान की, जिसके बाद इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।

राष्ट्रीय संचालन समिति द्वारा कुरुक्षेत्र क्लस्टर के पुनर्गठन का प्रस्ताव दिया गया है, जिसके तहत इसमें आईटीआई कैथल (महिला) को शामिल किया जाना है। वहीं, कलायत क्लस्टर को तीन से छह माह के लिए स्थगित किया गया है। कुरुक्षेत्र क्लस्टर से संबंधित संशोधित प्रस्ताव राष्ट्रीय स्तर पर अनुमोदन के लिए भेज दिया गया है।

बैठक में राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप पोर्टल के आंकड़ों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में वर्ष 2016-17 से अब तक कुल 4,73,354 अप्रेंटिस जुड़े हैं। अप्रेंटिस की वार्षिक संख्या 2016-17 में 5,225 से बढ़कर 2025-26 में 86,565 हो गई। वित्त वर्ष 2026-27 में 19 सितंबर तक 51,550 अप्रेंटिस जोड़े जा चुके हैं, जिनमें 9,106 निर्धारित ट्रेड और 42,444 वैकल्पिक ट्रेड में हैं।

कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के निदेशक श्री पार्थ गुप्ता ने बताया कि प्रति लाख आबादी अप्रेंटिस की संख्या के मामले में हरियाणा देश में प्रथम स्थान पर है। यह संख्या वर्ष 2017 में प्रति लाख 76 से बढ़कर वर्ष 2026 में प्रति लाख 1,814 हो गई है। अप्रेंटिस की अधिकतम संख्या को जोड़ने के लिए हरियाणा को वर्ष 2017 में ‘चैंपियन ऑफ चेंज’ पुरस्कार भी मिला था।

उन्होंने बताया कि युवाओं को सीधे नियोक्ताओं से जोड़ने के लिए हर महीने आठ जिलों में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेलों का आयोजन किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022-23 से 2026-27 के दौरान अब तक 255 अप्रेंटिसशिप मेले आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें चालू वित्त वर्ष में अब तक आयोजित 39 मेले भी शामिल हैं।

अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिला अप्रेंटिसशिप समितियों का गठन किया गया है तथा सरकारी आईटीआई में समर्पित अप्रेंटिसशिप एवं प्लेसमेंट सेल कार्यरत हैं। जिला समितियों को उद्योगों की भागीदारी, अप्रेंटिस की संख्या बढ़ाने तथा क्रियान्वयन से संबंधित बाधाओं के समाधान सहित कार्यक्रम की प्रगति की हर तिमाही समीक्षा करने का दायित्व सौंपा गया है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News