6 हजार नई इलेक्ट्रिक बसें और 180 KM लंबी नई मेट्रो लाइन ! डबल इंजन सरकार की बड़ी सौगात
Udaipur Times, Delhi Infrastructure Push Accelerates : केंद्र और राज्य में "डबल इंजन सरकार" के कारण राजधानी में विकास कार्यों को नई गति मिली है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दावा करते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन, सड़क अवसंरचना, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और शहरी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर योजनाएं लागू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने दिल्ली के लिए विभिन्न विकास परियोजनाओं और केंद्रीय सहायता का उल्लेख किया।
सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा बड़ा विस्तार
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में लंबे समय से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था चुनौतियों का सामना कर रही है। राजधानी को 11,000 से अधिक बसों की जरूरत है, जबकि वर्तमान में लगभग 6,000 बसें ही संचालित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि अगले दो सालों में 6,000 से अधिक नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
केंद्र का सहयोग
मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्र सरकार ने दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। FAME योजना के तहत 4,550 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई गई हैं। पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत 6,130 अतिरिक्त बसें मिलेंगी। इन योजनाओं का उद्देश्य राजधानी के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को आधुनिक बनाना और प्रदूषण कम करना है।
मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क अब लगभग 400 किलोमीटर तक फैल चुका है। इसके अलावा 180 किलोमीटर लंबी नई मेट्रो लाइनों का निर्माण कार्य जारी है और कई नए कॉरिडोर योजना के चरण में हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए मेट्रो विस्तार दिल्ली की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सड़क परियोजनाओं पर 1.25 लाख करोड़ रुपये का निवेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 सालों में दिल्ली को सड़क अवसंरचना परियोजनाओं के लिए लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये की सहायता मिली है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी हुई हैं या निर्माणाधीन हैं, जिनमें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, द्वारका एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इनके पूरा होने से यातायात व्यवस्था और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।
यमुना सफाई और सीवरेज व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि अमृत-2 योजना के तहत लगभग 3,000 करोड़ रुपये की राशि अनधिकृत कॉलोनियों में सीवरेज व्यवस्था सुधारने और बिना उपचारित पानी को यमुना में जाने से रोकने के लिए आवंटित की गई है। उन्होंने कहा कि यमुना के पुनर्जीवन और स्वच्छता को सरकार प्राथमिकता दे रही है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सहायता
दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन और कचरे के पहाड़ों को कम करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 1,550 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा चालू वित्त वर्ष में बुनियादी ढांचा विकास के लिए 821 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध कराई गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत एक साल में 43,000 लोगों का मुफ्त इलाज हुआ। 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा चुके हैं। कुल 1,100 स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। 11 एकीकृत स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं विकसित की जा रही हैं। जीटीबी अस्पताल में 200 करोड़ रुपये की लागत से ट्रॉमा सेंटर का निर्माण हो रहा है।
रोजगार और कौशल विकास पर फोकस
सरकार के कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत अब तक 78,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है।
35,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं
केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि राजधानी में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए 35,000 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें सराय काले खां से जेवर एयरपोर्ट तक सड़क संपर्क, प्रमुख मार्गों का उन्नयन तथा अक्षरधाम-बदरपुर, पंजाबी बाग-टिकरी बॉर्डर और आईएनए-महिपालपुर मार्गों के सुधार कार्य शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली की यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी और लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
