गोवा में रेस्क्यू किये गए उदयपुर जिले के 7 बच्चे, तमिलनाडू ले जा रहे थे बच्चो को
उदयपुर 19 जुलाई 2026 । उदयपुर ज़िले के 7 बच्चों को तमिलनाडू में स्कूल में भर्ती करवाने के नाम पर ले जा रहे लोगों को गोवा में पकड लिया गया है। इनमें 2 लडकियां और 5 लडके हैं। गोवा में एक साथ 7 बच्चों को देखकर किसी ने रेलवे पुलिस को सूचना दे दी, जहां से गोवा की बाल कल्याण समिति को जानकारी दी गई। उदयपुर से ये बच्चे बस से अहमदाबाद व वहां से रेल द्वारा गोवा पहुंचे थे।
सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कथित ईसाई मिशनरियों व एक सुगठित इकोसिस्टम द्वारा शिक्षा की आड में बच्चों को राजस्थान से बाहर ले जाने और फिर उनका धर्मान्तरण का आरोप लगाते हुए मामलों की रचना बहुस्तरीय व डिजिटल लेन-देन की संभावना को देखते हुए एनआईए, सीबीआई और इंटेलिजेंस ब्यूरो आईबी से जांच करवाने की मांग की है।
सांसद डॉ रावत ने बताया कि गोवा की बाल कल्याण समिति ने उदयपुर में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष यशोदा पणियां को सूचना दी जिस पर उन्होंने यहां से फोन पर पूरी जानकारी लेकर बच्चों को वापस लाने टीम भेजी। उदयपुर से पुलिस जाब्ते के साथ टीम गोवा गई जो शनिवार को उदयपुर पहुंची है। यशोदा पणियां से बच्चों से भी चर्चा की। पता चला कि ये बच्चे झाडोल तहसील के विभिन्न गांवों के है और 7 से 12 साल तक के हैं।
सांसद डॉ रावत ने बताया कि उदयपुर आने के बाद इन बच्चों, परिजनों व ग्रामीणों से भी जानकारी ली जानी चाहिए। इनके परिजनों को भी बुलवाया जा रहा है और बाल कल्याण समिति व पुलिस द्वारा संपूर्ण व गहन पडताल के बाद बच्चों को उनके परिजनों को सौंपा जाएगा।
सांसद डॉ रावत ने केंद्रीय गृह मंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल कार्रवाई करवाने हेतु एसआईटी गठित करने तथा जांच सीबीआई, एनआइए व आईबी से करवाने की मांग की है।
विश्व हिन्दू परिषद की टीम भी पहुंची
शिक्षा के नाम पर बच्चों को राजस्थान से बाहर ले जाने की सूचना पर विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत मंत्री सुंदर कटारिया ने भी संपूर्ण जानकारी ली और परिषद के कार्यकर्ता करण राजपुरोहित व अन्य बाल कल्याण समिति भी पहुंचे जहां उन्होंने घटनाक्रम की जानकारी लेकर उच्चाधिकारियों को दी।
