भारत में जल्द दौड़ेंगी 7 नई बुलेट ट्रेन ! मिनटों में सफर होगा पूरा, देखें नया रूटमैप
Udaipur Times, India's 7 new bullet train Corridors : भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने देश की अगली पीढ़ी की बुलेट ट्रेन 'B35' के डिजाइन और निर्माण के लिए कंपनियों की क्षमता का आकलन शुरू कर दिया है। यह ट्रेन पूरी तरह 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत विकसित की जाएगी और भविष्य के सभी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की मुख्य हाई-स्पीड ट्रेन बनने की उम्मीद है।
350 किमी प्रति घंटे की होगी अधिकतम रफ्तार
B35 बुलेट ट्रेन को 350 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति और 320 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिजाइन किया जा रहा है। यह भारत की अब तक की सबसे तेज ट्रेनों में से एक होगी।
सात नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर चलेगी B35
NHSRCL के अनुसार, B35 ट्रेनसेट को देश के प्रस्तावित सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलाने की योजना है। इनमें मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी शामिल हैं। इन सभी कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 4,000 किलोमीटर होगी।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर भी दौड़ सकती है
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर शुरुआती संचालन B28 ट्रेनसेट के साथ शुरू होगा। इसके बाद अगली पीढ़ी की B35 ट्रेनों को भी इस कॉरिडोर पर शामिल किया जा सकता है।
कंपनियों की तकनीकी क्षमता का होगा आकलन
NHSRCL उन कंपनियों का मूल्यांकन कर रही है जो 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली ट्रेन के लिए प्रोपल्शन सिस्टम, ट्रेन कंट्रोल एंड मैनेजमेंट सिस्टम (TCMS), वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल सिस्टम और भारत में विनिर्माण क्षमता विकसित कर सकती हैं। इसके अलावा, भारतीय जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप ट्रेन विकसित करने की क्षमता को भी प्रमुख मानदंड बनाया गया है।
'मेक इन इंडिया' को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
रेल मंत्रालय का उद्देश्य हाई-स्पीड रेल तकनीक में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। B35 परियोजना के जरिए देश में अत्याधुनिक रेल तकनीक, अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और भारत वैश्विक हाई-स्पीड रेल मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।
पहले B28, फिर B35
वर्तमान में भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B28 का निर्माण बेंगलुरु स्थित बीईएमएल संयंत्र में किया जा रहा है। इसके 2027 तक परीक्षण शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद B35 परियोजना भारत के हाई-स्पीड रेल मिशन को अगले स्तर पर ले जाएगी।
संभावित यात्रा समय
प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर के पूरा होने पर मुंबई से पुणे की दूरी लगभग 48 मिनट और बेंगलुरु से चेन्नई का सफर करीब 73 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जिससे देश में यात्रा का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है।
