71.81 फीसदी उपभोक्ता डीबीटीएल योजना से जुड़े
उदयपुर जिले में एमडीबीटीएल योजना के तहत 2 लाख 98 हजार में से 71.81 प्रतिशत उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया।
उदयपुर जिले में एमडीबीटीएल योजना के तहत 2 लाख 98 हजार में से 71.81 प्रतिशत उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया।
जिला रसद अधिकारी हिम्मत सिंह भाटी की मौजूदगी में आयोजित ऑयल कंपनियों की बैठक में विक्रय अधिकारी शरद गढ़वाल व राकेश तिवारी ने बताया कि 31 मार्च 2015 पश्चात गैर डीबीटीएल उपभोक्ता को अनुदानित सिलेण्डर नहीं मिल सकेगा। ऐसे उपभोक्ताओं को इसके बाद बाजार दर से सिलेण्डर उपलब्ध कराया जा सकेगा।
डीबीटीएल योजना से पूर्व में वंचित उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक मात्रा में योजना से जोड़ने के सतत प्रयास किये जा रहे हैं।
बैंक खाते के साथ आधार कार्ड:
बैंक खाता विकल्प मात्र है, भविष्य में उपभोक्ताओं को आधार कार्ड से लिंक होना होगा। अतः बैंक खाते के साथ आधार कार्ड भी एजेन्सी तक पहुंचाकर उपभोक्ता बाद मे अनावश्यक चक्करों में मुक्ति पा सकते हैं।
एलपीजी गैस कनेक्शन ट्रांसफर हुआ आसान:
पारिवारिक सदस्यों के नाम गैस कनेक्शन ट्रांसफर पर किसी भी प्रकार की अतिरिक्त धरोहर राशि जमा नहीं करवानी होगी। परिवार में पति-पत्नी अविवाहित बच्चे, आश्रित माता-पिता के अतिरिक्त किसी अन्य को कनेक्शन ट्रांसफर किये जाने पर तत्कालीन व वर्तमान धरोहर राशि में आने वाली अंतर राशि जमा करानी होगी।
वर्तमान में 1450 रुपये प्रति सिलेण्डर धरोहर राशि तथा 150 रुपये रेग्युलेटर शुल्क है, ऐसे उपभोक्ता भी अनुदान के हकदार होंगे। माता-पिता से अलग रसोई चला रहे उपभोक्ताओं को सेपरेट फेमिली माना जाएगा। परिवार में गैस कनेक्शनधारी के निधन होने पर आश्रित के नाम गैस कनेक्शन ट्रांसफर का कार्य शीघ्र किया जाएगा व आवंटी से ट्रांसफर शुल्क वसूल नहीं किया जायेगा।