जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक बनेगा 74 KM का सुपरफास्ट कॉरिडोर, 12 जिलों को होगा फायदा
Udaipur Times, Delhi-NCR to Noida Airport : उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सीधे मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए 74.3 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बुलंदशहर से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर महज 20 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे दिल्ली-एनसीआर और जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच पहले के मुकाबले काफी आसान और तेज हो जाएगी।
4,000 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा छह लेन का एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 74.3 किलोमीटर होगी और इसके निर्माण पर लगभग 4,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। शुरुआती चरण में इसे छह लेन के रूप में विकसित किया जाएगा, लेकिन भविष्य में यातायात बढ़ने पर इसे आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। यह पूरी तरह से एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होगा, यानी पूरे मार्ग पर कहीं भी ट्रैफिक सिग्नल या चौराहे नहीं होंगे। इससे वाहनों की आवाजाही तेज और सुरक्षित होगी तथा यात्रा समय में भारी कमी आएगी।
997 हेक्टेयर भूमि का होगा अधिग्रहण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लगभग 997 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके बदले किसानों को करीब 1,500 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे बुलंदशहर जिले की पांच तहसीलों से होकर गुजरेगा और आगे यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ते हुए सीधे जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचेगा। इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास, व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े 12 जिलों को मिलेगा लाभ
594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ के एनएच-334 से शुरू होकर प्रयागराज बाईपास तक जाता है। यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर समेत 12 जिलों को सीधे लाभ पहुंचा रहा है। अब नए लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से इन सभी जिलों को पहली बार जेवर एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे पूरे कॉरिडोर का आर्थिक महत्व बढ़ जाएगा और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
न्यू नोएडा की कनेक्टिविटी भी होगी मजबूत
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, न्यू नोएडा और मौजूदा नोएडा के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। न्यू नोएडा को 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में चार चरणों में विकसित किया जा रहा है।
भविष्य में नई लिंक सड़कों के जरिए न्यू नोएडा के आंतरिक सड़क नेटवर्क को सीधे नोएडा से जोड़ने की योजना है। इससे पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का ट्रांजिट नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा और आवागमन पहले से कहीं ज्यादा आसान बन जाएगा।
