108 अखण्ड रामचरित मानस के 75 परायण पूर्ण

धनेतकलां गांव में रूद्रावतार मण्डल धनेतकलां में एक तरफ तो अखण्ड महा परायण जारी है और इसी क्रम में मंगलवार रात्रि को हनुमान मन्दिर में भजन संध्या का आयोजन हुआ।

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108 अखण्ड रामचरित मानस के 75 परायण पूर्ण

धनेतकलां गांव में रूद्रावतार मण्डल धनेतकलां में एक तरफ तो अखण्ड महा परायण जारी है और इसी क्रम में मंगलवार रात्रि को हनुमान मन्दिर में भजन संध्या का आयोजन हुआ।

108 अखण्ड रामचरित मानस के 75 परायण पूर्ण

अंजनी के लाल को मेरा शत्-शत् प्रणाम है, ना समझया इंसान जगत में सुर संता की रोळ करें असली हीरों चमक रियों पण जौहरी बीन कुण मोल करे, महाभारत में अभिमन्यु निज प्राणों का बलिदान करें वो मीरा को श्याम कस्यो जो विष का अमृत पान करे रावण में वा शक्ति कसी जीको वो अभिमान करें, ना पछाण्यों रे महाबीरा, कठे परोग्यों कंत, मेरी छोटीसी है नाव, आदि भजन गाये गये।

भजनों की प्रकाशचन्द्र शर्मा-उप सरपंच, दीपक वैष्णव, विशाल शर्मा, पंडित दुर्गाशंकर भट्ट, गजराज, देवीलाल, पुष्करलाल एवं रमेश भट्ट ने प्रस्तुतियां दी। हारमोनियम पर सत्यनारायण दास, ढ़ोलक पर तनकेश्वर एवं शहनाई वादक उस्ताद हरीराम ढ़ोली ने संगत की

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