3 राज्यों को आपस में जोड़ेगा 88 KM लंबा एक्सप्रेसवे, देखें किन शहरों-गांवों से होकर गुजरेगा 4613 करोड़ का ये प्रोजेक्ट ?

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3 राज्यों को आपस में जोड़ेगा 88 KM लंबा एक्सप्रेसवे, देखें किन शहरों-गांवों से होकर गुजरेगा 4613 करोड़ का ये प्रोजेक्ट ? 

Udaipur Times, Agra Gwalior Expressway Route : दिल्ली, आगरा और ग्वालियर के बीच यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 88 किलोमीटर लंबा आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे तैयार किया जा रहा है, जिससे आगरा से ग्वालियर का सफर महज 75 से 80 मिनट में पूरा हो जाएगा। वहीं, दिल्ली से ग्वालियर की दूरी भी घटकर करीब 4 घंटे रह जाएगी। इस एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से विकसित किए जा रहे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर करीब 4,613 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह एक्सेस कंट्रोल्ड छह लेन का एक्सप्रेसवे होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।

कहां से कहां तक बनेगा एक्सप्रेसवे (Agra Gwalior Expressway) ?

आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे (Agra Gwalior Expressway) की शुरुआत आगरा के इनर रिंग रोड पर स्थित देवरी गांव से होगी और यह ग्वालियर बाईपास के पास सुसेरा गांव तक जाएगा। इसका रूट मौजूदा NH-44 के समानांतर होगा, लेकिन यह पूरी तरह नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा, ताकि वाहनों को ट्रैफिक जाम का सामना न करना पड़े।

तीन राज्यों के चार जिलों से होकर गुजरेगा (Agra Gwalior Expressway) 

यह एक्सप्रेसवे तीन राज्यों के चार जिलों और कुल 63 गांवों से होकर गुजरेगा।

उत्तर प्रदेश (आगरा): 20.2 किमी, 14 गांव

राजस्थान (धौलपुर): 27 किमी, 18 गांव

मध्य प्रदेश (मुरैना और ग्वालियर): 41.2 किमी, 31 गांव

100-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार

फिलहाल आगरा से ग्वालियर पहुंचने में ट्रैफिक के कारण 2.5 से 3 घंटे लग जाते हैं। एक्सप्रेसवे बनने के बाद वाहन 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे और यह दूरी सिर्फ 75 से 80 मिनट में तय होगी।

दिल्ली-NCR को मिलेगा बड़ा फायदा

इस एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा इनर रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। इससे दिल्ली से ग्वालियर की यात्रा करीब 4 घंटे में पूरी हो सकेगी। इसके अलावा, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित चंबल एक्सप्रेसवे (अटल प्रगति पथ) से भी इसका कनेक्शन होगा, जिससे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे नेटवर्क तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

चंबल के बीहड़ों से होकर गुजरेगा रूट (Agra Gwalior Expressway) 

एक्सप्रेसवे का रूट चंबल नदी और उसके बीहड़ों के पास से होकर जाएगा। इसके लिए 8 बड़े पुल, 23 छोटे पुल, 6 फ्लाईओवर और एक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। चंबल वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी के आसपास पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विशेष ग्रीन बेल्ट और अंडरपास भी बनाए जाएंगे।

93% भूमि अधिग्रहण पूरा

NHAI के अनुसार, परियोजना के लिए 93 प्रतिशत से अधिक भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। आगरा के कुछ क्षेत्रों में किसानों के मुआवजे से जुड़े मामलों का समाधान किया जा रहा है। परियोजना को 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

किन-किन गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे (Agra Gwalior Expressway) ?

आगरा (उत्तर प्रदेश): देवरी, धनौली, रोहता, जारुआ कटरा, नैनाना जाट, भाहई, बुढ़ाना, शमशाबाद, तोरा, राजपुर, उंटगिर, सुजैनपुर, नगला लालजीत और सलेमाबाद।

धौलपुर (राजस्थान): मनिया, दुब्बरा, बरेह, बोथपुरा, मांगरौल, जगरिया, कूसपुरा, पंजूपुरा, तगावली, विप्रपुर, सलेमपुर, चितौरा, बीलपुर, सामौर, पिपहेरा, जाटोली, डौमपुरा और शेरपुर।

मुरैना (मध्य प्रदेश): बाबा का पुरा, जारेला, रिठौरा, अंबाह, शिकारपुर, बरेथा, डोंगरपुर, नूराबाद, बानमोर, छोंदा, जौरासी, गोठ, पिपरी, रानपुर, कन्हार, सिहोनिया, कुलहोली, बिलगांव, मिरघाना, उत्तमपुरा, सुल्तानपुर और जैतपुर।

ग्वालियर (मध्य प्रदेश): सुसेरा, रायरू, पुरानी छावनी, जलालपुर, बरोना, तिलघान, बड़ोरी, जमाहर और निरावली।

इन क्षेत्र को मिलेंगे कई फायदे

आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे बनने से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पर्यटन और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत घटेगी, जबकि आगरा, धौलपुर, मुरैना और ग्वालियर के बीच व्यापार, निवेश और आवागमन पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा।

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