रिटायर्ड आईएएस मनोज शर्मा रचित कविता “मेरी झील” फतेह सागर पर बन रही आकर्षण का केंद्र

कविता के रचनाकार शर्मा के पहुँचने पर लोगों ने ली सेल्फ़ी, रचना को सराहा

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उदयपुर 18 दिसंबर। रिटायर्ड आईएएस मनोज कुमार शर्मा द्वारा रचित कविता “मेरी झील” को यूआईटी द्वारा बेहद सुंदर अक्षरों में फतेहसागर की पाल पर लगाया गया है। कविता को और सुंदर बनाने के लिए हेरिटेज शेप में सुंदर बॉर्डर लगाई गई है एवं सायंकाल सुंदर लाइटिंग भी की जा रही है। लाइटिंग के बाद तो यह और भी आकर्षक नजर आ रही है और यहाँ आने वाले लोग इसे पढ़ने के साथ-साथ इसकी फ़ोटो और सेल्फ़ी लेकर अपनों को शेयर भी कर रहे हैं।

शर्मा को लोगों ने दी प्रतिक्रिया

उदयपुर यात्रा पर पहुंचे रिटायर्ड आईएएस मनोज शर्मा फतेह सागर टहलने पहुंचे। जब वे यहाँ आए तब लोग उनकी लिखी कविता पढ़ रहे थे और अपनी फ़ोटो खिंचवा रहे थे। जब लोगों को पता चला कि इस कविता को लिखने वाले रिटायर्ड आईएएस मनोज शर्मा यहीं खड़े हैं तब उन्हें बेहद खुशी हुई और शर्मा के साथ सेल्फ़ी लेने लगे। शर्मा ने भी लोगों से बात की और इस पर प्रतिक्रिया जानी। उल्लेखनीय है कि इस कविता के माध्यम से शर्मा ने न सिर्फ झील के सौन्दर्य को अनोखे अंदाज में प्रस्तुत किया है बल्कि इसे संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित भी किया है।

तीन वर्ष पहले लिखी थी कविता

रिटायर्ड आईएएस शर्मा ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा झील पर कविता पाठ के लिए साहित्यकारों और कवियों को आमंत्रित किया गया था। तब उन्होंने अपनी यह रचना प्रस्तुत की थी जिसे अब यहाँ सुंदर अक्षरों में परमानेंट लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि वे अपनी रचना को इस तरह यहाँ लगाए जाने से खुशी महसूस कर रहे हैं।

उदयपुर के साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण कार्य को सराहा

रिटायर्ड आईएएस मनोज शर्मा ने इस मौके पर उदयपुर में जी-20 शेरपा सम्मेलन को लेकर की गई साफ-सफाई, सज्जा, आर्ट वर्क और सौंदर्यीकरण कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उदयपुर प्रशासन ने यहाँ बहुत अच्छा कार्य किया है जिससे कि इस शहर में व्यापक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। उन्होंने उदयपुर प्रशासन का सुंदर व्यवस्थाओं के लिए आभार भी व्यक्त किया है। शर्मा ने कहा कि झील की साफ-सफाई को देखभर वे बड़ी प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं। 

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