यहां बनेगा 133 KM लंबा नया जल हाईवे, कारोबार को मिलेगा बढ़ावा और लागत में आएगी कमी

 | 
यहां बनेगा 133 KM लंबा नया जल हाईवे, कारोबार को मिलेगा बढ़ावा और लागत में आएगी कमी

Udaipur Times, Developed on the Ganga : इनलैंड वॉटरवेज़ अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (IWAI) गाजीपुर और वाराणसी के बीच लगभग ₹102.98 करोड़ की लागत से 133 किलोमीटर लंबा जलमार्ग बनाएगी। इस प्रोजेक्ट में गंगा नदी की तलहटी से गाद (silt) और कठोर परत (hard strata) को हटाना शामिल है। 

जलमार्ग बन जाने के बाद, नदी में एक खास नेविगेशन चैनल बनाया जाएगा, जिससे पानी के स्तर में उतार-चढ़ाव के बावजूद बड़े जहाजों की आवाजाही आसानी से हो सकेगी। यह पहल नेशनल वॉटरवे-1 और जल मार्ग विकास प्रोजेक्ट के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य गाजीपुर-वाराणसी हिस्से में कम से कम 2.20 मीटर की गहराई (LAD) बनाए रखना है।

IWAI अधिकारियों के अनुसार, गंगा का जल प्रवाह और नदी की तलहटी बदलती रहती है, जिससे अक्सर उथले हिस्से (shallow patches) बन जाते हैं। ऐसे इलाकों में नदी की तलहटी से गाद हटाने के लिए ड्रेजिंग का काम किया जाएगा।

तय नेविगेशन चैनल को बेहतर बनाने के लिए नदी की तलहटी में मौजूद कठोर परत को हटाया जाएगा। इससे वाराणसी और हल्दिया के बीच 1,500 से 2,000 डेडवेट टनेज (DWT) क्षमता वाले जहाजों की आवाजाही आसान हो जाएगी।

जलमार्ग के फायदें

वाराणसी में मल्टीमॉडल टर्मिनल तक सामान पहुंचाने में आसानी। भारी और थोक सामान के परिवहन के लिए बेहतर विकल्प। कृषि उत्पादों और औद्योगिक सामान को बड़े बाज़ारों तक पहुं चाने में मदद। सड़कों पर ट्रकों का ट्रैफ़िक कम होगा, लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में जल परिवहन की भूमिका बढ़ेगी।

कारोबार को बढ़ावा और लागत में कमी

इस प्रोजेक्ट से वाराणसी और पूर्वांचल क्षेत्र के व्यवसायों को सीधा फ़ायदा होगा। सड़क परिवहन की तुलना में, जल परिवहन से लंबी दूरी तक भारी और थोक सामान ले जाने की लागत कम होगी। मल्टीमॉडल टर्मिनल बनने और गाज़ीपुर-वाराणसी जलमार्ग के मज़बूत होने के बाद, टर्मिनल तक सामान पहुंचाना और उसके बाद सड़क व रेल से कनेक्टिविटी काफ़ी बेहतर हो जाएगी। गाज़ीपुर, वाराणसी और आस-पास के इलाकों से कृषि उत्पादों, अनाज, निर्माण सामग्री और अन्य थोक सामान को जलमार्ग से बड़े 

बाजारों तक पहुंचाने के बढ़ेंगे विकल्प 

राम नगर में गंगा के किनारे देश के पहले जहाज़ मरम्मत केंद्र का निर्माण शुरू हो गया है। गंगा नदी के किनारे देश का पहला जहाज मरम्मत केंद्र बनाने का काम शुरू हो गया है। यह केंद्र रामनगर के रल्हूपुर में मौजूद 'इनलैंड वॉटरवेज अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया' (IWAI) टर्मिनल से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। इस निर्माण कार्य को लार्सन एंड टुब्रो (L&T) कंपनी कर रही है और इसकी अनुमानित लागत ₹321.39 करोड़ है।

यह केंद्र 60 मीटर तक लंबे और 600 टन क्षमता वाले जहाजों की मरम्मत करने में सक्षम होगा। यह सुविधा गंगा के किनारे चार एकड़ जमीन पर बनाई जा रही है, जो मौजूदा टर्मिनल के दाईं ओर स्थित है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जामनगर से रामनगर में बनने वाले इस जहाज मरम्मत केंद्र की आधारशिला रखी थी। अब तक, जहाजों और बड़े जलयानों की मरम्मत आमतौर पर समुद्र तटीय इलाकों में ही की जाती थी। लेकिन अब गंगा नदी के किनारे ही एक 'ड्राई डॉक' बनाया जा रहा है। इस पहल से न केवल समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी बढ़ेंगे।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News