₹3,936.05 करोड़ की लागत से यहां बनने जा रहा है 143 किलोमीटर लंबा नया रास्ता, 4 जिलों के लोगों को होगा फायदा
Udaipur Times, A New 143-km Road in Bihar: बिहार में खगड़िया और पूर्णिया के बीच 143 किलोमीटर लंबी एक नई सड़क बन रही है, जिससे चार जिलों के बीच आवागमन आसान हो जाएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 जून 2026 को ₹3,936.05 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना को मंजूरी दी। सड़क पूरी होने के बाद, इस रास्ते पर यात्रा का समय घटकर लगभग दो घंटे रह जाने की उम्मीद है।
खगड़िया-पूर्णिया सड़क की मुख्य जानकारी एक नज़र में:
• मार्ग (Route): खगड़िया से पूर्णिया (बिहार)
• राजमार्ग (Highway): राष्ट्रीय राजमार्ग 31 (NH-31) और राष्ट्रीय राजमार्ग 231 (NH-231)
• परियोजना की लंबाई: 143.529 किलोमीटर
• बाईपास सुविधा: इसके साथ ही पूर्णिया शहर के लिए 6.729 किलोमीटर लंबा नया 'ग्रीनफील्ड बाईपास' बनाया जाएगा
• सड़क का प्रकार: फोर-लेन (चार लेन) हाईवे
• मॉडल (Mode): BOT (टोल) मॉडल — बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर
• परियोजना की कुल लागत: ₹3,936.05 करोड़
• कैबिनेट की मंजूरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 3 जून 2026 को मंजूरी दी गई
• यात्रा के समय में बचत: कार्य पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग 2 घंटे रहने की उम्मीद है
• शामिल जिले (लाभान्वित क्षेत्र): खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया
• निविदा (टेंडर) की स्थिति: इस कार्य के लिए टेंडर 17 नवंबर तक खुले हैं
खगड़िया-पूर्णिया सड़क मार्ग: चार जिलों से होकर गुजरने वाले NH-31 और NH-231
यह सड़क खगड़िया और पूर्णिया जिलों के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग 31 और 231 पर स्थित है। इस परियोजना में 143.529 किमी लंबा राजमार्ग और पूर्णिया शहर का 6.729 किमी लंबा ग्रीनफील्ड बाईपास शामिल है। इसे BOT (टोल) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। इससे चार जिलों को लाभ मिलेगा:
खगड़िया
भागलपुर
कटिहार
पूर्णिया
खगड़िया-पूर्णिया टेंडर और समय-सीमा: 17 नवंबर तक बोलियां (बिड्स) खुली हैं
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3 जून 2026 को इस परियोजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने स्थानीय ठेकेदारों के लिए टेंडर जारी किया है, जिसकी टेंडर फीस ₹3.40 लाख है। बोलियां 17 नवंबर तक जमा की जा सकती हैं। काम पूरा करने की कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है। उम्मीद है कि यह काम लगभग दो वर्षों में पूरा हो जाएगा।
खगड़िया से पूर्णिया तक का सफर: यात्रियों के लिए इसके क्या मायने हैं?
मौजूदा रास्ते में कई खतरनाक मोड़ हैं, जिनसे दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। साथ ही, यहां अक्सर ट्रैफिक जाम भी लगता है।
सफर का समय: सड़क पूरी होने के बाद, यात्रा का समय घटकर लगभग दो घंटे रह जाने की उम्मीद है।
सुरक्षा: नई सड़क से सड़क सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है।
ट्रैफिक जाम: NH-31 के खगड़िया, नौगछिया और पूर्णिया वाले हिस्सों में भारी ट्रैफिक जाम रहता है।
पूर्णिया शहर: इस परियोजना में 6.729 किलोमीटर लंबा 'ग्रीनफील्ड बाईपास' भी शामिल है।
टोल: यह सड़क BOT (टोल) मॉडल पर विकसित की जा रही है।
इकोनॉमिक नोड्स और लॉजिस्टिक्स नोड्स: बिहार को होने वाले आर्थिक लाभ
यह कॉरिडोर पांच 'पीएम गति-शक्ति' इकोनॉमिक नोड्स और 11 लॉजिस्टिक्स नोड्स को जोड़ता है। इससे इन चार जिलों में व्यावसायिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। राज्य के भीतर यात्रा करने वालों के साथ-साथ अन्य राज्यों से आने वाले व्यापारियों और पर्यटकों को भी इसका फायदा मिलेगा।
इकोनॉमिक नोड्स (5): एक टेक्सटाइल क्लस्टर, दो मेगा फूड पार्क और दो फिशिंग व सीफूड पार्क।
लॉजिस्टिक्स नोड्स (11): चार प्रमुख रेलवे स्टेशन, एक हवाई अड्डा, चार राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाईवे) और दो राज्य राजमार्ग (स्टेट हाईवे)।
रोजगार: इससे लगभग 32.59 लाख 'पर्सन-डे' (व्यक्ति-दिन) का प्रत्यक्ष रोजगार और 40.55 लाख 'पर्सन-डे' का अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।
खगड़िया-पूर्णिया रियल एस्टेट पर असर: पूर्णिया और भागलपुर में प्रॉपर्टी की कीमतें
इस मार्ग पर पड़ने वाले दो सबसे बड़े जिलों में, 2026 तक प्रॉपर्टी की औसत कीमतें इस प्रकार हैं:
पूर्णिया में प्रॉपर्टी की औसत कीमत ₹4,366 प्रति वर्ग फुट है। भागलपुर में यह कीमत ₹7,483 प्रति वर्ग फुट है, जो पूर्णिया के मुकाबले ₹3,117 प्रति वर्ग फुट अधिक है। ज़िला औसत मांग दर (₹ प्रति वर्ग फुट)
भागलपुर क्षेत्र 7,483
पूर्णिया इलाका 4,366
खगड़िया-पूर्णिया रोड: घर खरीदारों और इस क्षेत्र के लिए 143 किलोमीटर की इस परियोजना का क्या मतलब है?
143 किलोमीटर लंबी खगड़िया-पूर्णिया सड़क, खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया को जोड़ेगी। इस परियोजना की लागत ₹3,936.05 करोड़ है। इससे यात्रा का समय घटकर लगभग दो घंटे रह जाने की उम्मीद है। टेंडर के लिए बोलियां 17 नवंबर तक खुली हैं। हालांकि कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन इस काम को पूरा होने में लगभग दो साल लगने की उम्मीद है।