यहां बनने जा रहा है 350 KM लंबा मेगा एक्सप्रेसवे, व्यापार और उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ
Udaipur Times, Buxar-Bhagalpur Expressway : बिहार में सड़क अवसंरचना को नई रफ्तार देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी बक्सर-भागलपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Buxar-Bhagalpur Expressway) परियोजना अब अगले चरण में पहुंच गई है। बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) ने परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने के लिए कंसल्टेंसी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।
करीब 350 किलोमीटर लंबे इस एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद पश्चिम और पूर्वी बिहार के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा। साथ ही बक्सर से भागलपुर तक का सफर, जो वर्तमान में करीब 9 घंटे का है, घटकर लगभग 4 घंटे रह जाने की उम्मीद है।
6 महीने में तैयार होगी DPR
BSRDCL के अनुसार, चयनित कंसल्टेंसी एजेंसी को छह महीने के भीतर एक्सप्रेसवे की विस्तृत DPR तैयार करनी होगी। हालांकि पूरे असाइनमेंट की अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई है, लेकिन विभाग का लक्ष्य आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद दिसंबर 2026 तक निर्माण कार्य शुरू करना है।
DPR तैयार होने के बाद परियोजना की लागत, अंतिम रूट, इंटरचेंज, भूमि अधिग्रहण और अन्य तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद निर्माण एजेंसी के चयन के लिए अलग से टेंडर जारी किया जाएगा।
इन शहरों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित 6-लेन एक्सप्रेसवे बक्सर से शुरू होकर आरा, पटना, मोकामा और मुंगेर होते हुए भागलपुर तक जाएगा। परियोजना के तहत NH-922, NH-31 और NH-33 के कुछ हिस्सों का विस्तार किया जाएगा। जहां जरूरत होगी वहां नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जबकि कुछ मौजूदा सड़कों को चार लेन से बढ़ाकर छह लेन किया जाएगा।
यह एक एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिसमें सीमित प्रवेश और निकास (Entry-Exit) होंगे। इससे वाहनों की आवाजाही तेज और सुरक्षित होगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।
अगस्त में खुलेगी तकनीकी बोली
परियोजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक एजेंसियां 16 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक टेंडर दस्तावेज डाउनलोड कर सकती हैं। 27 जुलाई को प्री-प्रपोजल बैठक आयोजित होगी, जबकि 5 अगस्त को तकनीकी बोली खोली जाएगी। इसके बाद पात्र एजेंसियों की वित्तीय बोली का मूल्यांकन कर DPR तैयार करने वाली एजेंसी का चयन किया जाएगा।
व्यापार और उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ
इस एक्सप्रेसवे के बनने से पश्चिम और पूर्वी बिहार के बीच माल परिवहन तेज होगा। कृषि, उद्योग, व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
निर्माण से पहले पूरी होगी DPR और मंजूरी
फिलहाल परियोजना DPR तैयार करने के चरण में है। विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने और सरकार से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसके बाद इस बहुप्रतीक्षित 6-लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू होगा, जो बिहार की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है।
