हरियाणा-राजस्थान को बड़ी सौगात ! नमो भारत RRTS कॉरिडोर मंजूर, जाने किन शहरों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी ?
Udaipur Times, Namo Bharat News : दिल्ली के सराय काले खां से गुरुग्राम और बावल तक बन रहे नमो भारत RRTS (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर का विस्तार अब राजस्थान के बहरोड़ तक किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस विस्तार को मंजूरी दे दी है। इससे हरियाणा और राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच तेज और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध होगी।
पहले चरण में सराय काले खां से गुरुग्राम, बावल, नीमराना और बहरोड़ तक कॉरिडोर बनाने की योजना
राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि नमो भारत RRTS के पहले चरण में सराय काले खां से गुरुग्राम, बावल, नीमराना और बहरोड़ तक कॉरिडोर बनाने की योजना को कई वर्ष पहले मंजूरी मिली थी। हालांकि बाद में इस परियोजना को पहले धारूहेड़ा और फिर बावल तक सीमित कर दिया गया। इसके बाद राजस्थान के लोगों और कई सामाजिक संगठनों ने इसे पहले की तरह बहरोड़ तक बढ़ाने की मांग लगातार उठाई।
उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में यह माना गया कि राजस्थान के शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ औद्योगिक क्षेत्र को नमो भारत RRTS से जोड़ना आवश्यक है, क्योंकि यहां स्थापित उद्योगों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
विकास को देखते हुए केंद्र सरकार ने परियोजना को बहरोड़ तक बढ़ाने का फैसला लिया
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हरियाणा में विकसित हो रहे नांगल चौधरी लॉजिस्टिक्स हब, भविष्य में आईएमटी बावल के विस्तार और राजस्थान के खुशखेड़ा-नीमराना-बहरोड़ निवेश क्षेत्र के तेजी से विकास को देखते हुए केंद्र सरकार ने परियोजना को बहरोड़ तक बढ़ाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि बहरोड़ तक विस्तार का प्रस्ताव जुलाई महीने में वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा गया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
बावल से बहरोड़ तक बनने वाला नया सेक्शन करीब 36 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें लगभग 11 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा और 25 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान में बनेगा। इस पूरे मार्ग पर चार स्टेशन विकसित किए जाएंगे। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ये स्टेशन किन-किन स्थानों पर होंगे।
बावल से बहरोड़ तक का सफर नमो भारत RRTS के जरिए करीब 24 मिनट में पूरा होगा
राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बावल से बहरोड़ तक का सफर नमो भारत RRTS के जरिए करीब 24 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच यात्रा पहले की तुलना में काफी तेज और आसान हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस विस्तार के कारण परियोजना की लागत में करीब 8 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी। इसके बावजूद यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नमो भारत RRTS ट्रेनों की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। तेज रफ्तार, आधुनिक सुविधाओं और कम यात्रा समय के कारण यह कॉरिडोर हरियाणा और राजस्थान के लाखों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन विकल्प बनेगा। इससे विशेष रूप से उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
