कॉल सेंटर में नौकरी करने वाले ने तीसरे प्रयास में किया UPSC पास, 8 साल की कड़ी मेहनत से बने IPS अधिकारी

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Success Story : कहते है की मेहनत करने की कभी हार नहीं होती है जो मेहनत करना जानते है वो एक न एक दिन जरूर सफल होते है। जो बिना किसी दूसरे से उम्मीद लगाए खुद पर विश्वास कर कड़ी मेहनत करना जानते है। वे एक ना  एक दिन इतिहास जरुर रचते है। UPSC को देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है इसे पास करना फिर भी सफल नहीं हो पाते, जबकि कुछ लोग महज 21-22 साल की उम्र में लोग आईएएस आईपीएस बन जाते है। 

आईएएस आईपीएस बनना सोचने जितना आसान नहीं होता है। सूरज सिंह परिहार की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने अपने अटूट दृढ़ संकल्प से न सिर्फ UPSC क्रैक किया बल्कि IPS अधिकारी बन गए। IPS Suraj Singh Parihar

UP के जौनपुर के एक छोटे से गांव के रहने वाले सूरज सिंह परिहार की शुरुआती पढ़ाई गांव के ही स्कूल से हुई। हालांकि पांचवीं कक्षा के बाद वह कानपुर के जाजमऊ चले गए, जहां हिंदी मीडियम से ही उनकी आगे की पढ़ाई जारी रही। साल 2000 में उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति K।R। नारायणन द्वारा राष्ट्रीय बाल श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। IPS Suraj Singh Parihar

कॉल सेंटर में नौकरी करने वाले ने तीसरे प्रयास में किया UPSC पास

कॉल सेंटर में मिली नौकरी

सूरज सिंह परिहार ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 81 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति थोड़ी खराब हो गई, जिसके बाद उन्होंने अपने साथी के साथ मिलकर एक  छोटा सा कोचिंग सेंटर शुरू किया। बाद में उन्हें एक कॉल सेंटर में नौकरी मिल गई, लेकिन उनके लिए ये नौकरी आसान नहीं थी। IPS Suraj Singh Parihar

शुरुआती वॉयस और एक्सेंट टेस्ट में वो फेल हो गए थे और उन्हें नौकरी छोड़ने के लिए कह दिया गया। इसके बाद वो न सिर्फ टेस्ट में पास हुए बल्कि टॉप परफॉर्मर भी बन गए।

पहुंच गए दिल्ली

वैसे सुर की सफलता के बात करे तो सूरज सिंह का सपना कुछ और था। इसलिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी UPSC की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए, लेकिन वहां रहना इतना आसान नहीं था। उनकी सारी सेविंग 6 महीने में ही खत्म हो गई, पर उन्होंने हार नहीं मानी और बीच का रास्ता निकाला। उन्होंने 8 बैंकों में प्रोबेशनरी ऑफिसर की परीक्षा दी और सभी में सफल रहे। IPS Suraj Singh Parihar

उन्होंने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 4 महीने काम किया, लेकिन उसके बाद वह स्टेट बैंक में चले गए। यहां वो मैनेजर के पद तक पहुंचे, लेकिन इस दौरान UPSC का उनका सपना बरकरार रहा। इसलिए उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़ दी और वापस UPSC की तैयारी में जुट गए।

हासिल की 189वीं रैंक

साल 2011 में सूरज ने UPSC परीक्षा दी और इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन उनका चयन नहीं हुआ। इसके बाद 2012 में वह मेंस परीक्षा भी पास नहीं कर सके। इसके बाद साल 2013 में उन्होंने अपना तीसरा और आखिरी अटेंप्ट दिया और पास हो गए, जिसके बाद उनका चयन IRS के लिए हुआ। IPS Suraj Singh Parihar

उनका सपना IPS बनना था, लेकिन अब उनका ये सपना पूरा नहीं हो सकता था। सूरज सिंह को एक बार फिर से मौका मिला और अपने इस प्रयास में उन्होंने शानदार 189वीं रैंक हासिल की, जिसके बाद उनका चयन IPS के लिए हो गया।

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