पिता का सपना बना बेटी का जुनून, बिना कोचिंग UPSC क्रैक कर बनीं IAS अफसर
Udaipur Times, IAS Success Story of Srishti Goyal: कहते हैं कि जब सपने अपने नहीं, बल्कि अपनों के होते हैं, तो उन्हें पूरा करने का जज्बा और भी मजबूत हो जाता है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली सृष्टि गोयल ने अपने पिता के सपने को अपना लक्ष्य बनाया और कड़ी मेहनत के दम पर UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 160 हासिल कर सफलता की नई मिसाल पेश की।
पिता के सपने ने दी प्रेरणा
सृष्टि गोयल एक साधारण लेकिन सहयोगी परिवार से आती हैं। उनके पिता हमेशा चाहते थे कि उनकी बेटी एक अधिकारी बने और देश की सेवा करे। पिता की इसी इच्छा ने सृष्टि को UPSC की कठिन राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

बिना कोचिंग घर पर की तैयारी
सृष्टि ने अपनी शुरुआती पढ़ाई एयर फोर्स स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग के बाद नौकरी करने के बजाय उन्होंने घर पर रहकर UPSC की तैयारी करने का फैसला किया। उन्होंने किसी भी महंगी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और किताबों, ऑनलाइन टेस्ट और आत्म-अनुशासन के दम पर अपनी तैयारी जारी रखी।
चार बार मिली असफलता, फिर भी नहीं मानी हार
सृष्टि का UPSC का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने कुल पांच बार परीक्षा दी। पहले चार प्रयासों में उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। कई बार वे मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। हालांकि, लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और हर बार अपनी कमियों को सुधारते हुए आगे बढ़ती रहीं।

पांचवें प्रयास में मिली बड़ी सफलता
सृष्टि की मेहनत आखिरकार रंग लाई और UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 160 हासिल कर अपने सपने को साकार कर लिया। उन्होंने वैकल्पिक विषय (Optional Subject) के रूप में एंथ्रोपोलॉजी का चयन किया, जिसने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई।
लाखों युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
सृष्टि गोयल की सफलता उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है, जो असफलताओं से निराश हो जाते हैं। उनकी कहानी यह बताती है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और खुद पर भरोसा हो तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।
