स्किल डवलपमेन्ट विषयक पांच दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न
प्रत्येक व्यक्ति में रचनात्मकता एवं उद्यमशीलता होती है। किषोर व युवा वर्ग का कौशल व हुनर परिष्कृत कर उद्योग व समाज की आवश्यकता के अनुरूप दक्ष व कुशल जनशक्ति तैयार करने के लिये भारत सरकार विविध कौशल विकास योजनाऐं प्रारम्भ कर रही है।
सरकार के राष्ट्रीय कौशल विकास ढ़ाचे के भीतर औपचारिक एवं अनौपचारिक दोनो ही विधाओं का समावेष है। यह जानकारी विद्या भवन पॉलीटेक्निक में नेषनल टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एवं रिसर्च इन्स्टीट्यूट (नाईटर, भारत सरकार, चण्डीगढ़) द्वारा आयोजित हुनर विकास (स्किल डवलपमेन्ट) सम्बंधित पांच दिवसीय कार्यशाला के समापन पर दी गई।
कार्यशाला को नेशनल स्कील डवलपमेन्ट कॉरपोरेशन की शशि किरण, सेन्टम लर्निंग के संजय चण्डो, नाईटर के प्रो. जे. एस. सैनी, वाई. के आनन्द, पूनम सियाल, प्रवीण बंसल, डी.जी.ई.टी. के जी. एस. सेठी ने संबोधित किया।
विद्या भवन पॉलिटेक्निक के प्राचार्य अनिल मेहता ने कहा कि सरकार की कौशल विकास योजनाओं से उद्योग जगत् के लिये तो तकनीकी जनषक्ति तथा समाज व बाजार को स्वरोजगार में रत् दक्ष उद्यमी मिलेंगे। कार्यशाला का समन्वयन प्राध्यापक नितिन सनाढ्य ने किया।
