विधान मण्डप में बना श्रीफलों का पहाड़
सेक्टर 11 स्थित आदिनाथ भवन में आदिनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा कार्तिक अष्टान्हिका पर्व पर आचार्य कनकनन्दी गुरूदेव ससंघ के सानिध्य में नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के सातवेें दिन बुधवार को प्रात: आदिनाथ भगवान, पाश्र्वनाथ भगवान का इन्द्र-इन्द्राणियों द्वारा महा मस्तकाभिषेक किया गया

सेक्टर 11 स्थित आदिनाथ भवन में आदिनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा कार्तिक अष्टान्हिका पर्व पर आचार्य कनकनन्दी गुरूदेव ससंघ के सानिध्य में नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के सातवेें दिन बुधवार को प्रात: आदिनाथ भगवान, पाश्र्वनाथ भगवान का इन्द्र-इन्द्राणियों द्वारा महा मस्तकाभिषेक किया गया।
मुनि सुविज्ञ सागर के मंत्रोच्चारों के बीच शोभा देवी बसन्तीलाल थाया परिवार द्वारा शान्तिधारा की गई। इसके बाद देव शास्त्र, गुरू पूजा, आदिनाथ पूजा एवं नन्दीश्वर पूजा के पश्चात सिद्धचक्र विधान की आठवीं पूजा के तहत 1024 अघ्र्य के तहत प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिया के मंत्रोचर के साथ अष्ट द्रव्य श्रीफल युक्त 400 अघ्र्य समर्पित किये गये जिससे विधान मण्डप में श्रीफलों का पहाड़ सा बन गया।

इस अवसर पर मुनि सुविज्ञसागर महाराज ने कहा कि हमें स्वाध्याय में मन लगाना चाहिये जिससे हमारे जीवन का चहुंमुखी विकास हो सके। जिनवाणी ज्ञान से जीवन में अनुभव का विकास होगा।
ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष भंवरलाल मुण्डलिया ने बताया कि गुरूवार को धर्मसभा के तहत प्रात: 10 बजे आचार्य कनकनन्दी गुरूदेव ससंघ का पिच्छी परिवर्तन होगा एवं शुक्रवार को प्रात: सर्व शान्ति महायज्ञ की पूर्णाहूति के साथ नौ दिवसीय विधान का मांगलिक समापन होगा।
