हरियाणा में यहां बनेगा 24 KM लंबा नया 4 लेन बाईपास, जाने किन-किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ ?
Udaipur Times, Palwal-Sohna Bypass : दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले और रोजाना पलवल से गुरुग्राम के सोहना की ओर सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। हरियाणा सरकार ने पलवल और सोहना के बीच 24 किलोमीटर लंबे चार लेन बाईपास के निर्माण को मंजूरी दे दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को आगे बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक में परियोजना को मंजूरी दी है। नया बाईपास बनने के बाद पलवल से सोहना और आगे गुरुग्राम की तरफ जाने वाले लोगों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। साथ ही, इस सड़क के आसपास के इलाकों में कारोबार, उद्योग, परिवहन और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
फिलहाल पलवल-सोहना के बीच मौजूद सड़क दो लेन की है। इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में निजी वाहन, बसें और भारी वाहन चलते हैं। सड़क की चौड़ाई कम होने और ट्रैफिक का दबाव अधिक रहने के कारण खासकर सुबह और शाम के समय जाम की स्थिति बन जाती है। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण समस्या और बढ़ जाती है। कई जगह ओवरटेकिंग के दौरान दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस सड़क को चौड़ा करने और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की मांग करते रहे हैं। अब सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
24 किलोमीटर लंबा और चार लेन के रूप में विकसित होगा नया बाईपास
पलवल और सोहना के बीच प्रस्तावित नया बाईपास करीब 24 किलोमीटर लंबा होगा और इसे चार लेन के रूप में विकसित किया जाएगा। चार लेन की सड़क तैयार होने के बाद मौजूदा दो लेन वाले मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। खासकर उन यात्रियों को फायदा होगा जो पलवल से सोहना होते हुए गुरुग्राम की तरफ नौकरी, कारोबार या अन्य काम के लिए रोजाना यात्रा करते हैं। बेहतर सड़क बनने से इस रूट पर वाहनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है और लंबी दूरी के यातायात के लिए भी एक बेहतर विकल्प तैयार होगा।
परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग की ओर से प्रस्तावित बाईपास के रास्ते में आने वाली जमीन की रजिस्ट्रियों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई की जाएगी। जमीन से संबंधित जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। यानी फिलहाल परियोजना से जुड़ी प्रशासनिक और जमीन संबंधी प्रक्रियाओं को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
पलवल से सोहना और आगे गुरुग्राम जाना होगा अब ओर भी आसान
पलवल-सोहना बाईपास का सबसे बड़ा फायदा रोजाना इस रूट पर सफर करने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है। पलवल से बड़ी संख्या में लोग गुरुग्राम और सोहना की ओर नौकरी, व्यापार और अन्य कामों के लिए आते-जाते हैं। मौजूदा दो लेन की सड़क पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण यात्रियों को कई बार लंबे जाम का सामना करना पड़ता है। चार लेन का नया बाईपास बनने के बाद यातायात के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी, जिससे सफर अधिक सुविधाजनक हो सकता है।
नए बाईपास के जरिए पलवल और सोहना के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा। इसके आगे गुरुग्राम की ओर पहले से मौजूद बेहतर सड़क व्यवस्था से जुड़ने के कारण पलवल से गुरुग्राम क्षेत्र तक जाने वाले यात्रियों को भी फायदा मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय सड़क के अंतिम डिजाइन, इंटरचेंज, ट्रैफिक और निर्माण पूरा होने के बाद की यातायात व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
सोहना तक पहले से बेहतर होगी कनेक्टिविटी
गुरुग्राम में सुभाष चौक से सोहना चौक तक चार लेन की एलिवेटेड रोड पहले ही तैयार की जा चुकी है। इसके कारण गुरुग्राम से सोहना की ओर जाने वाले यात्रियों की आवाजाही पहले की तुलना में बेहतर हुई है। अब अगर सोहना से पलवल की दिशा में भी चार लेन का बाईपास तैयार होता है तो इस पूरे कॉरिडोर की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती मिल सकती है।
इसका मतलब यह है कि गुरुग्राम-सोहना की ओर से आने वाला यातायात आगे पलवल की दिशा में बेहतर सड़क नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकेगा। इससे पलवल और सोहना के बीच लंबे समय से चली आ रही सड़क क्षमता की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। भविष्य में इस कॉरिडोर पर यातायात बढ़ने की स्थिति में नया बाईपास अतिरिक्त सड़क क्षमता उपलब्ध कराने में भी उपयोगी साबित हो सकता है।
औद्योगिक क्षेत्रों से कनेक्टिविटी में होगा सुधार
पलवल-सोहना बाईपास केवल यात्रियों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से भी इसका महत्व काफी बढ़ सकता है। बाईपास बनने के बाद आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों तक सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। गुरुग्राम के सोहना चौक से कुछ किलोमीटर की दूरी पर धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र है, जहां ऑटोमोबाइल से जुड़े प्लांट और औद्योगिक गतिविधियां मौजूद हैं। वहीं, करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर नूंह क्षेत्र में आईएमटी के विकास की दिशा में भी काम हो रहा है।
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का सीधा फायदा औद्योगिक इकाइयों तक कच्चा माल पहुंचाने और तैयार माल को दूसरे शहरों तक भेजने में मिल सकता है। मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक और बेहतर मार्ग उपलब्ध होने से परिवहन व्यवस्था आसान हो सकती है। इसके साथ ही सड़क के आसपास वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट और अन्य कारोबार विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
पलवल और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ेंगे कारोबार के अवसर
नई चार लेन सड़क बनने से केवल यात्रा आसान होने की उम्मीद नहीं है, बल्कि इसके आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। किसी भी बड़े सड़क प्रोजेक्ट के बाद बेहतर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में पेट्रोल पंप, होटल, ढाबे, गोदाम, सर्विस सेंटर, ट्रांसपोर्ट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के विकसित होने की संभावना रहती है।
पलवल और इसके आसपास के क्षेत्रों के लिए भी यह बाईपास इसी तरह आर्थिक अवसर पैदा कर सकता है। सड़क नेटवर्क बेहतर होने से स्थानीय कारोबारियों को बड़े बाजारों तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है। वहीं, नए व्यवसायों के आने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख शहरों के बीच बेहतर सड़क संपर्क होने पर जमीन और आसपास के क्षेत्रों के विकास पर भी इसका असर पड़ सकता है।
शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मिलेगी मदद
बाईपास का एक अहम उद्देश्य लंबी दूरी के यातायात को शहर के मुख्य हिस्सों से बाहर निकालना भी हो सकता है। जब बाहर से आने वाले भारी और लंबी दूरी के वाहन शहर की मुख्य सड़कों के बजाय बाईपास का इस्तेमाल करते हैं तो शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सकता है। इससे बाजार, रिहायशी इलाकों और प्रमुख चौराहों पर वाहनों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है। पलवल और आसपास के शहरी क्षेत्रों में सड़क यातायात बढ़ने के साथ यह सुविधा भविष्य में और महत्वपूर्ण हो सकती है।
नए बाईपास से स्थानीय यातायात और लंबी दूरी के यातायात को अलग-अलग रूट देने की संभावना बनेगी। इससे शहर के अंदर यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के बाद शुरू होगा निर्माण
परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब लोक निर्माण विभाग की ओर से जमीन से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रस्तावित बाईपास के रास्ते में आने वाली जमीन की रजिस्ट्रियों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण से संबंधित कार्रवाई की जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क निर्माण के लिए जरूरी चरणों को आगे बढ़ाया जा सकेगा। किसी भी बड़ी सड़क परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण एक महत्वपूर्ण चरण होता है। इसलिए बाईपास का वास्तविक निर्माण जमीन से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शुरू होगा। विभाग की ओर से परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
एक लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में रिंग रोड की योजना
हरियाणा सरकार की ओर से बड़े शहरों में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए रिंग रोड विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में एक लाख या इससे अधिक आबादी वाले शहरों में रिंग रोड बनाने का उद्देश्य शहर के मुख्य हिस्से से बाहरी और लंबी दूरी के यातायात को बाहर निकालना है। इससे भारी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश किए बिना आगे जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग मिल सकता है।
रिंग रोड और बाईपास जैसी परियोजनाओं से शहरों के मुख्य बाजारों और आबादी वाले क्षेत्रों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, बाहरी सड़क नेटवर्क को बड़े हाईवे और औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने पर माल परिवहन भी अधिक व्यवस्थित हो सकता है। पलवल-सोहना बाईपास को भी इसी व्यापक सड़क कनेक्टिविटी के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
NCR की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया विकल्प
पलवल-सोहना के बीच 24 किलोमीटर लंबे चार लेन बाईपास के बनने के बाद दिल्ली-एनसीआर के दक्षिणी हिस्से में सड़क नेटवर्क को एक नया विकल्प मिलने की उम्मीद है। पलवल, सोहना और गुरुग्राम के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। ऐसे में मौजूदा सड़क के साथ एक बेहतर चार लेन मार्ग तैयार होने से यातायात व्यवस्था को राहत मिल सकती है। कुल मिलाकर, पलवल-सोहना के बीच प्रस्तावित 24 किलोमीटर लंबा चार लेन बाईपास इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना बन सकता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद अब लोक निर्माण विभाग जमीन अधिग्रहण और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ा रहा है। बाईपास तैयार होने के बाद पलवल से सोहना और गुरुग्राम की ओर जाने वाले यात्रियों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच, माल परिवहन, स्थानीय कारोबार और रोजगार के नए अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है।