हरियाणा में यहां बनेगा नया 4 लेन फ्लाईओवर ! जाम की होगी छुट्टी, देखें किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ ?
Udaipur Times, Haryana News, Faridabad : फरीदाबाद शहर में बढ़ते ट्रैफिक और प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए एक और बड़े फ्लाईओवर की योजना पर काम शुरू हो गया है। शहर में ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए तीन नंबर पुलिया से दशहरा मैदान तक चार लेन का फ्लाईओवर बनाए जाने की तैयारी है। प्रस्तावित फ्लाईओवर अवंतीबाई चौक और ईएसआई चौक से होकर गुजरेगा। इस परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परियोजना पूरी होने के बाद शहर के कई व्यस्त चौक-चौराहों पर यातायात का दबाव कम होने और लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
फरीदाबाद का पूर्वी क्षेत्र ग्रेटर फरीदाबाद और एनआईटी क्षेत्र के सैनिक कॉलोनी वाले हिस्से के बीच फिलहाल सीधी कनेक्टिविटी का अभाव है। दोनों क्षेत्रों के बीच कोई सीधा और सुगम मार्ग नहीं होने के कारण वाहन चालकों को दूसरे रास्तों से घूमकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। इस दौरान उन्हें नीलम, बाटा और एनएचपीसी रेलवे ओवर ब्रिज जैसे व्यस्त मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है। इसके बाद हाईवे पर बने अंडरपास और सेक्टर-12 तथा बाईपास के आसपास आगरा नहर को पार करते हुए ग्रेटर फरीदाबाद की ओर जाना पड़ता है। इस पूरे सफर में कई जगह ट्रैफिक जाम मिलने के कारण कुछ मिनट का रास्ता कई बार घंटों में पूरा होता है।
तीन नंबर पुलिया से दशहरा मैदान तक बनेगा 4 लेन फ्लाईओवर
प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट परियोजना के तहत तीन नंबर पुलिया से दशहरा मैदान तक चार लेन फ्लाईओवर विकसित करने की योजना है। इस मार्ग को शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। फ्लाईओवर के रास्ते में अवंतीबाई चौक और ईएसआई चौक जैसे महत्वपूर्ण और व्यस्त स्थान भी आएंगे। इन चौराहों पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है, जिसके कारण पीक आवर्स में जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। फ्लाईओवर बनने के बाद लंबी दूरी के यातायात को ऊपरी मार्ग उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे मुख्य सड़क और चौराहों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अंतिम डिजाइन और यातायात व्यवस्था का स्वरूप डीपीआर और तकनीकी अध्ययन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
सैनिक कॉलोनी से ईएसआई चौक तक 1600 मीटर लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर मंजूर
ईस्ट-वेस्ट परियोजना के तहत सैनिक कॉलोनी से ईएसआईसी चौक तक करीब 1600 मीटर लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाए जाने की योजना है। इस प्रस्ताव को बड़खल विधानसभा क्षेत्र के विधायक धनेश अदलखा ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था। इसका उद्देश्य सैनिक कॉलोनी और आसपास के इलाकों को ईएसआई चौक तथा शहर के दूसरे हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ना है।मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) की ओर से परियोजना से जुड़ी तैयारियां आगे बढ़ाई जा रही हैं। अधिकारियों ने प्रस्तावित रूट का सर्वे और डीपीआर तैयार करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू की है। तकनीकी अध्ययन के बाद फ्लाईओवर की वास्तविक लंबाई, डिजाइन, पिलर की स्थिति, सड़क की चौड़ाई और अन्य निर्माण संबंधी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
ग्रेटर फरीदाबाद और NIT के बीच सीधी कनेक्टिविटी होगी ओर आसान
फरीदाबाद शहर को मोटे तौर पर अलग-अलग हिस्सों में विकसित क्षेत्रों के रूप में देखा जाता है। ग्रेटर फरीदाबाद में तेजी से आवासीय और व्यावसायिक विकास हुआ है, जबकि एनआईटी क्षेत्र शहर के पुराने और घनी आबादी वाले हिस्सों में शामिल है। इन दोनों क्षेत्रों के बीच यातायात बढ़ने के बावजूद सीधी कनेक्टिविटी का पर्याप्त विकल्प नहीं है। वर्तमान में एनआईटी क्षेत्र से सेक्टर-12 या ओल्ड फरीदाबाद की तरफ जाने वाले लोगों को कई प्रमुख पुलों और चौराहों को पार करना पड़ता है। नीलम, बाटा और एनएचपीसी रेलवे ओवर ब्रिज से गुजरने के बाद आगे हाईवे के अंडरपास को पार करना पड़ता है। इसके बाद सेक्टर-12 और बाईपास के पास आगरा नहर को पार कर ग्रेटर फरीदाबाद की ओर जाना होता है। ट्रैफिक अधिक होने पर इन सभी स्थानों पर रुक-रुककर चलने से सफर का समय काफी बढ़ जाता है।
यू-टर्न सड़क बनाने की भी योजना
ईस्ट-वेस्ट परियोजना में दोनों क्षेत्रों के बीच यातायात को सुगम बनाने के लिए यू-टर्न सड़क विकसित करने की योजना भी शामिल है। इसका उद्देश्य वाहन चालकों को बार-बार लंबा चक्कर लगाने से बचाना और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक को व्यवस्थित करना है। इस तरह की कनेक्टिविटी तैयार होने से ग्रेटर फरीदाबाद और एनआईटी क्षेत्र के बीच आने-जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकता है। बड़खल विधानसभा क्षेत्र के विधायक धनेश अदलखा ने भी शहर में जाम की समस्या को कम करने के लिए सैनिक कॉलोनी चौक से ईएसआईसी चौक तक एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाने की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी थी। इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हुई हैं।
ईस्ट-वेस्ट परियोजना में सात जगह बनेंगे फ्लाईओवर और अंडरपास
ईस्ट-वेस्ट परियोजना केवल एक फ्लाईओवर तक सीमित नहीं है। इसके तहत करीब सात अलग-अलग स्थानों पर फ्लाईओवर और अंडरपास विकसित किए जाने प्रस्तावित हैं। इनका उद्देश्य शहर के अलग-अलग हिस्सों में यातायात के दबाव को कम करना और महत्वपूर्ण सड़कों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।प्रस्तावित परियोजनाओं में बड़खल गांव के ऊपर से एक फ्लाईओवर निकाले जाने की योजना है। दूसरा फ्लाईओवर सैनिक कॉलोनी मोड़ पर गुरुग्राम रोड से उतरते हुए बड़खल रोड तक बनाए जाने का प्रस्ताव है। तीसरा फ्लाईओवर बड़खल गांव को पार करते हुए झील के साथ विकसित किए जाने की योजना में शामिल है। वहीं चौथा फ्लाईओवर अनखीर चौक पर प्रस्तावित है, जो अनखीर और गुरुग्राम की दिशा में कनेक्टिविटी को बेहतर करने में मदद कर सकता है।
अनखीर चौक और बड़खल रोड पर भी कम होगा ट्रैफिक दबाव
अनखीर चौक फरीदाबाद के महत्वपूर्ण यातायात बिंदुओं में शामिल है। यहां से गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच बड़ी संख्या में वाहन आते-जाते हैं। ऐसे में प्रस्तावित फ्लाईओवर से इस हिस्से में यातायात को अलग-अलग स्तर पर संचालित करने का विकल्प मिल सकता है। इससे मुख्य चौराहे पर वाहनों के रुकने की जरूरत कम हो सकती है और ट्रैफिक फ्लो बेहतर होने की संभावना है। इसी तरह बड़खल गांव और सैनिक कॉलोनी के आसपास प्रस्तावित फ्लाईओवर भी स्थानीय यातायात को सुगम बनाने में उपयोगी हो सकते हैं। परियोजना के तहत अलग-अलग स्थानों पर फ्लाईओवर और अंडरपास की व्यवस्था होने से वाहन चालकों को हर चौराहे पर रुकने के बजाय बेहतर वैकल्पिक मार्ग मिल सकते हैं।
डीपीआर तैयार करने के लिए तकनीकी कंसल्टेंट की तलाश
परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए एफएमडीए की ओर से तकनीकी कंसल्टेंट की सेवाएं लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चयनित कंसल्टेंट को प्रस्तावित फ्लाईओवर और पूरे ईस्ट-वेस्ट रूट की तकनीकी व्यवहारिकता का अध्ययन करना होगा। इसके तहत जमीन की स्थिति, मौजूदा सड़क नेटवर्क, ट्रैफिक दबाव, फ्लाईओवर के डिजाइन और निर्माण के दौरान आने वाली संभावित बाधाओं का अध्ययन किया जाएगा। डीपीआर किसी भी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना का महत्वपूर्ण चरण होता है। इसमें परियोजना की लागत, डिजाइन, निर्माण तकनीक, जमीन की जरूरत, ट्रैफिक व्यवस्था और निर्माण की समयसीमा जैसे पहलुओं का विस्तृत आकलन किया जाता है। डीपीआर तैयार होने और संबंधित मंजूरियां मिलने के बाद ही निर्माण से जुड़ी अगली प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकेगा।
तीन नंबर पुलिया, अवंतीबाई चौक और ईएसआई चौक हैं व्यस्त इलाके
एफएमडीए अधिकारियों के मुताबिक, तीन नंबर पुलिया, अवंतीबाई चौक और ईएसआई चौक शहर के व्यस्त हिस्सों में शामिल हैं। इन इलाकों में दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है और पीक आवर्स के दौरान ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ जाता है। ऐसे में फ्लाईओवर के जरिए वाहनों को अलग मार्ग उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। अगर प्रस्तावित फ्लाईओवर और अन्य ईस्ट-वेस्ट परियोजनाएं तय योजना के अनुसार विकसित होती हैं, तो इन प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिल सकती है। साथ ही एनआईटी और ग्रेटर फरीदाबाद के बीच आवागमन करने वाले लोगों को भी अधिक सीधा मार्ग मिलने की संभावना है।
फ्लाईओवर निर्माण में आने वाली बाधाओं का किया जा रहा निरीक्षण
डीपीआर तैयार करने से पहले प्रस्तावित रूट का निरीक्षण भी किया जा रहा है। अधिकारियों की टीम निर्माण स्थल पर जाकर यह देख रही है कि फ्लाईओवर बनाने के दौरान किन तकनीकी या भौतिक बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। सड़क की चौड़ाई, मौजूदा ढांचे, बिजली और दूसरी सेवाओं की लाइनें तथा आसपास के यातायात जैसे पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। एफएमडीए के कार्यकारी अभियंता केएस पठानिया के मुताबिक, सैनिक कॉलोनी से ईएसआई चौक तक एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाने के डिजाइन को लेकर शनिवार को चौक का निरीक्षण किया गया। इस दौरान निर्माण कार्य में आने वाली संभावित रुकावटों की भी जांच की गई। तकनीकी निरीक्षण के आधार पर आगे की डीपीआर तैयार करने में मदद मिलेगी।
फरीदाबाद में जाम की समस्या कम करने की दिशा में बड़ा कदम
फरीदाबाद में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के साथ वाहनों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ग्रेटर फरीदाबाद में नई आवासीय सोसायटियां और अन्य विकास परियोजनाएं आने के कारण पुराने शहर और नए विकसित क्षेत्रों के बीच यातायात का दबाव बढ़ा है। ऐसे में दोनों क्षेत्रों के बीच बेहतर सड़क और फ्लाईओवर नेटवर्क की जरूरत महसूस की जा रही है। ईस्ट-वेस्ट परियोजना के तहत प्रस्तावित फ्लाईओवर, अंडरपास और यू-टर्न सड़कें इसी कनेक्टिविटी को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
तीन नंबर पुलिया से दशहरा मैदान तक चार लेन फ्लाईओवर और सैनिक कॉलोनी से ईएसआईसी चौक तक करीब 1600 मीटर एलिवेटेड फ्लाईओवर की योजना जमीन पर उतरती है तो शहर के कई व्यस्त हिस्सों में यातायात व्यवस्था को राहत मिल सकती है। हालांकि, परियोजना का अंतिम स्वरूप डीपीआर, तकनीकी अध्ययन और आवश्यक मंजूरियों के बाद ही तय होगा।