174 एकड़ में यहां बनेगा नया हाईटेक लॉजिस्टिक पार्क, 1200 करोड़ के निवेश से हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार
Udaipur Times, New Delhi : ग्रेटर नोएडा में लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट सामने आया है। कप्पा-2 सेक्टर में प्रस्तावित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क के लिए जमीन की नीलामी में दुबई की कंपनी डीपी वर्ल्ड ने सबसे ऊंची बोली लगाई है। कंपनी ने 15,180 रुपये प्रति वर्गमीटर की बोली लगाकर नीलामी में बाजी मारी है। इस प्रक्रिया में अदाणी समूह समेत कुल तीन कंपनियां शामिल थीं। प्राधिकरण ने जमीन की नीलामी के लिए 11,000 रुपये प्रति वर्गमीटर का आरक्षित मूल्य तय किया था। अब आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी को जमीन आवंटित की जाएगी। इस परियोजना से क्षेत्र में लॉजिस्टिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ करीब 5 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
174 एकड़ में विकसित होगा लॉजिस्टिक पार्क
मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क को बोड़ाकी में प्रस्तावित मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के साथ विकसित करने की योजना है। इसके लिए करीब 174.12 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। परियोजना में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होने का अनुमान है।प्राधिकरण ने परियोजना के विकास के लिए जमीन की नीलामी की थी। इसमें दुबई की डीपी वर्ल्ड ने 15,180 रुपये प्रति वर्गमीटर की सबसे ऊंची बोली लगाई। चूंकि यह 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना है, इसलिए इसके नियम, शर्तों और ब्रोशर को पहले ही प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है।
कैबिनेट मंजूरी के बाद जमीन आवंटन
अब जमीन आवंटन की आगे की प्रक्रिया शासन स्तर पर पूरी की जाएगी। उच्चस्तरीय समिति से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को प्रदेश कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद कंपनी को जमीन आवंटित की जा सकेगी। तय शर्तों के मुताबिक कंपनी को निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करना होगा। परियोजना के निर्माण में भी चरणबद्ध लक्ष्य तय किए गए हैं। इसके तहत शुरुआती तीन वर्षों में कम से कम 40 फीसदी काम पूरा करने की शर्त रखी गई है।
एक ही जगह मिलेंगी कई आधुनिक सुविधाएं
मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क में आधुनिक लॉजिस्टिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, कंटेनर टर्मिनल, मशीनीकृत कार्गो हैंडलिंग और कस्टम क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका उद्देश्य अलग-अलग प्रकार के माल के भंडारण और परिवहन को एक ही स्थान पर आसान बनाना है। यहां माल को स्टोर करने के बाद कंटेनरों के जरिए आगे भेजने की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
सड़क और रेल दोनों से जुड़ेगा पार्क
मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की सबसे बड़ी खासियत इसकी मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी होगी। इसे सड़क और रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। इसके अलावा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी का भी इस परियोजना को फायदा मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्यमियों और कारोबारियों को माल की आवाजाही में सुविधा मिल सकती है। इससे सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में लगने वाला समय और लॉजिस्टिक लागत कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
क्षेत्र में बढ़ेंगी लॉजिस्टिक गतिविधियां
ग्रेटर नोएडा में इस परियोजना के विकसित होने से लॉजिस्टिक और माल परिवहन से जुड़ी गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही क्षेत्र में वेयरहाउसिंग और माल भंडारण की क्षमता भी बढ़ेगी। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की परियोजनाएं ग्रेटर नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में कारोबार को बेहतर कनेक्टिविटी देने में मदद कर सकती हैं।
साथ ही इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव के मुताबिक, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क से क्षेत्र में लॉजिस्टिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर पैदा होने के साथ माल परिवहन और भंडारण के लिए आधुनिक केंद्र विकसित होगा।