10 गांवों की जमीन पर यहां बनेगा नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर ! किसानों की होगी बल्ले-बल्ले
Udaipur Times, New Delhi : बिजनौर में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। परियोजना के लिए कुल 1000 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। प्रशासन अब तक 652 हेक्टेयर जमीन का प्रस्ताव यूपीडा को भेज चुका है, जबकि बाकी 348 हेक्टेयर भूमि की तलाश शुरू कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की योजना के तहत बिजनौर में हाईवे-119 और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के किनारे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना है। इसका उद्देश्य जिले में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
10 गांवों की 652 हेक्टेयर जमीन का प्रस्ताव
परियोजना के लिए तहसील सदर के पपावरा, किशनपुर आंवला, सुहाहेड़ी, मुढाला, फिरोजपुर रतन, उलकपुर, अलीपुर माखन और युसुफाबाद समेत 10 गांवों का चयन किया गया था। इन गांवों में प्रशासन ने स्थलीय सर्वे कर जमीन से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाई।
सर्वे में अलग-अलग गाटा संख्या, जमीन पर मौजूद स्थायी निर्माण, सरकारी चकरोड़, नालियों और जमीन पर कब्जे की स्थिति को भी दर्ज किया गया। इसके आधार पर 652 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव तैयार कर यूपीडा को भेज दिया गया है।
1000 हेक्टेयर के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अभी 348 हेक्टेयर और जमीन चाहिए। इसके लिए राजस्व विभाग ने तहसील सदर के साथ जिले की अन्य तहसीलों में भी जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, यूपीडा की ओर से प्रस्तावित
औद्योगिक कॉरिडोर का अंतिम नक्शा मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि किन क्षेत्रों की जमीन परियोजना में शामिल होगी।
उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित होने के बाद बिजनौर में नए उद्योग और कारोबारी गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। हाईवे और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के किनारे बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से कंपनियों को माल लाने-ले जाने में सुविधा होगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
