यहां बनेगा नया इंडस्ट्रीयल जोन ! उद्योग, ट्रेनिंग के साथ युवाओं को मिलेगी रोजगार की सुविधा
Udaipur Times, New Delhi : अमरोहा जिले में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश सरकार की पहल पर अमरोहा में सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लाइमेंट एंड इंडस्ट्रीयल जोन स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस प्रस्तावित जोन की खासियत यह होगी कि यहां उद्योगों की स्थापना के साथ युवाओं के लिए प्रशिक्षण, प्लेसमेंट और उद्यमिता से जुड़ी सुविधाएं भी एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस परियोजना के लिए करीब 5 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। प्रशासन ने भूमि की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल औद्योगिक नगरी गजरौला क्षेत्र में संभावित जमीनों को चिन्हित करने के लिए तहसील के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जमीन का चयन होने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
गजरौला में जमीन की तलाश तेजी से जारी
प्रशासन की ओर से प्रस्तावित इंडस्ट्रीयल जोन के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश की जा रही है। अधिकारियों को जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व के साथ जिले के सभी एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीडीओ एके मिश्र ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर इंडस्ट्रीयल जोन के लिए जमीन चिन्हित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गजरौला क्षेत्र को प्राथमिकता के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि यह पहले से ही जिले के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है।
अमरोहा पहले से रहा है हजारों औद्योगिक इकाइयों का हब
अमरोहा में औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। जिले में करीब 4 हजार औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। इनमें बड़ी कंपनियों के साथ-साथ छोटी और मध्यम औद्योगिक इकाइयां भी शामिल हैं। अकेले गजरौला क्षेत्र में ही 1,500 से अधिक औद्योगिक इकाइयां बताई जा रही हैं।
इन औद्योगिक इकाइयों से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला हुआ है। जिले में उद्योगों से जुड़े मजदूरों और कर्मचारियों की संख्या 80 हजार से अधिक बताई जाती है। ऐसे में सरकार अब मौजूदा औद्योगिक आधार को और मजबूत करते हुए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दे रही है।
उद्योग के साथ-साथ युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग
प्रस्तावित इंडस्ट्रीयल जोन की सबसे बड़ी खासियत इसका इंटीग्रेटेड मॉडल होगा। इसमें सिर्फ उद्योग लगाने पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी की जाएगी।
प्रशिक्षण के बाद युवाओं को संबंधित औद्योगिक इकाइयों में रोजगार और प्लेसमेंट से जोड़ने की कोशिश होगी। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल कौशल प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जोड़ना है।
रोजगार के साथ उद्यमिता को भी मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना के जरिए युवाओं को नौकरी के साथ-साथ अपना कारोबार शुरू करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं की जानकारी और जरूरी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा।
सरकार पहले से ही युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ऋण और अन्य सहायता उपलब्ध करा रही है। अब इंडस्ट्रीयल जोन के माध्यम से प्रशिक्षण, उद्योग और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।
दूसरे शहरों में पलायन रोकने पर है पूरा जोर
इस परियोजना के पीछे सरकार की एक बड़ी मंशा स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराकर युवाओं के दूसरे शहरों की ओर पलायन को कम करना है। अक्सर रोजगार और बेहतर अवसरों की तलाश में जिले के युवाओं को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और दूसरे औद्योगिक शहरों का रुख करना पड़ता है। इंडस्ट्रीयल जोन विकसित होने के बाद युवाओं को अपने ही जिले में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ने के साथ जिले की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।
उद्योग, प्रशिक्षण और रोजगार एक ही जगह
सरकार की योजना इस जोन को एक ऐसे इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रीयल और इंप्लॉयमेंट इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने की है, जहां उद्योग, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों।
इसका लक्ष्य यह है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवाओं को रोजगार के लिए भटकना न पड़े। उन्हें स्थानीय औद्योगिक इकाइयों से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही जिन युवाओं की रुचि नौकरी के बजाय अपना व्यवसाय शुरू करने में है, उन्हें उद्यमिता के लिए जरूरी सहायता और मार्गदर्शन मिल सके।
जमीन मिलते ही परियोजना के आगे बढ़ने की है पूरी योजना
फिलहाल परियोजना की शुरुआती प्रक्रिया के तहत जमीन की तलाश की जा रही है। प्रशासन संभावित भूमि का रिकॉर्ड और उपलब्धता देख रहा है। करीब 5 एकड़ जमीन चिन्हित होने के बाद प्रस्तावित इंडस्ट्रीयल जोन को विकसित करने की दिशा में अगली कार्रवाई शुरू की जाएगी। अगर योजना निर्धारित तरीके से आगे बढ़ती है, तो अमरोहा के युवाओं के लिए यह परियोजना रोजगार और कौशल विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकती है। खासकर गजरौला जैसे पहले से विकसित औद्योगिक क्षेत्र में इसके बनने से स्थानीय उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।