8000 करोड़ में यहां बनेगा नया मैन्युफैक्चरिंग हब, नए निवेश के साथ हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

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8000 करोड़ में यहां बनेगा नया मैन्युफैक्चरिंग हब, नए निवेश के साथ हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार 

Udaipur Times, Noida Airport Manufacturing Hub : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। यमुना प्राधिकरण ने एयरपोर्ट के नजदीक स्थित सेक्टर-8 और सेक्टर-8डी के आंतरिक विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन दोनों सेक्टरों को बड़े औद्योगिक निवेश के लिए तैयार किया जा रहा है, जहां सोलर, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई क्षेत्रों से जुड़ी मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां विकसित होने की उम्मीद है। सेक्टर-8 में अकेले सेल सोल को 200 एकड़ जमीन आवंटित की गई है, जहां 8,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव है। ऐसे में एयरपोर्ट के आसपास आने वाले समय में बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित होने की संभावना है।

सेक्टर-8 और 8डी में शुरू हुआ इंफ्रास्ट्रक्चर विकास 

यमुना प्राधिकरण ने सेक्टर-8 और सेक्टर-8डी के आंतरिक आधारभूत ढांचे को विकसित करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए डिजाइन, डेवलपमेंट एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट से जुड़ी सलाहकार कंपनी की नियुक्ति की जानी है। प्राधिकरण ने इच्छुक कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं, जिसके बाद चयनित एजेंसी इन दोनों औद्योगिक सेक्टरों के आंतरिक विकास का खाका तैयार करने में मदद करेगी। इन सेक्टरों में सड़क, सीवर, पेयजल, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाओं को विकसित किया जाना है। औद्योगिक भूखंडों का आवंटन पहले ही किया जा चुका है, इसलिए अब प्राधिकरण का फोकस उन बुनियादी सुविधाओं को तैयार करने पर है, जिनके बाद कंपनियां अपनी औद्योगिक इकाइयों का निर्माण और संचालन आगे बढ़ा सकेंगी।

एयरपोर्ट के नजदीक होने से बढ़ी सेक्टरों की अहमियत

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र यमुना प्राधिकरण की औद्योगिक विकास योजनाओं में तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है। एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण सेक्टर-8 और 8डी को औद्योगिक गतिविधियों के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। बेहतर एयर कनेक्टिविटी के साथ यहां सड़क और दूसरी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होने से कंपनियों को लॉजिस्टिक्स और कारोबार के लिहाज से फायदा मिलने की उम्मीद है। यमुना प्राधिकरण इन सेक्टरों में बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए पहले ही कई कंपनियों को भूखंड आवंटित कर चुका है। अब आंतरिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होने के बाद इन औद्योगिक परियोजनाओं के धरातल पर आने की प्रक्रिया और तेज हो सकती है।

कंपनी सेल सोल को 200 एकड़ जमीन की गई आवंटित

सेक्टर-8 में सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र से जुड़ी कंपनी सेल सोल को 200 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। इस परियोजना में 8,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव बताया गया है। परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों पहले ही किया जा चुका है। इतने बड़े निवेश के कारण यह परियोजना सेक्टर-8 के औद्योगिक विकास की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हो सकती है। इससे क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है। परियोजना के आकार को देखते हुए इसके आसपास सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक औद्योगिक गतिविधियों के विकसित होने की भी उम्मीद की जा रही है।

अंबर इंटरप्राइजेज को भी 100 एकड़ जमीन

सेक्टर-8 में अंबर इंटरप्राइजेज को भी 100 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। कंपनी की परियोजना का शिलान्यास भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जा चुका है। इससे साफ है कि सेक्टर-8 में केवल एक कंपनी की परियोजना नहीं, बल्कि अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों के लिए बड़े स्तर पर जमीन आवंटित की गई है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन यानी EV मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी परियोजना के लिए भी 100 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। ऐसे में सेक्टर-8 में सोलर और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण जैसी उभरती औद्योगिक गतिविधियों का एक साथ विकास होने की संभावना है।

सेक्टर-8डी में CNH और दूसरी कंपनियों को भूखंड

सेक्टर-8डी में भी कई औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूखंड आवंटित किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार CNH को 100 एकड़ जमीन दी गई है। वहीं सन ऑर्गेनिक को करीब 30 हजार वर्गमीटर जमीन का आवंटन किया गया है। इसके अलावा अन्य कंपनियों को भी इस सेक्टर में औद्योगिक भूखंड दिए गए हैं। यमुना प्राधिकरण की योजना के तहत सेक्टर-8 और सेक्टर-8डी को अलग-अलग औद्योगिक गतिविधियों के लिए विकसित किया जा रहा है। इससे दोनों सेक्टरों में आने वाले समय में कई कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और उससे जुड़ा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार हो सकता है।

सोलर, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स का बनेगा हब

सेक्टर-8 और 8डी को सोलर, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में निवेश आने से केवल उत्पादन इकाइयां ही नहीं बढ़ेंगी, बल्कि उनके साथ सप्लायर, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और अन्य सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास होने के कारण इन औद्योगिक सेक्टरों को देश और विदेश के बाजारों से बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के संचालन और आसपास के सड़क नेटवर्क के विस्तार के साथ इन सेक्टरों की व्यावसायिक अहमियत और बढ़ सकती है।

सड़क से लेकर बिजली-पानी तक विकसित होगा इंफ्रास्ट्रक्चर

यमुना प्राधिकरण के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के मुताबिक, सेक्टरों के आंतरिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए सलाहकार एजेंसी नियुक्त की जाएगी। इसके लिए कंपनियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। प्रस्तावों के आधार पर एजेंसी का चयन होने के बाद सेक्टरों के अंदर जरूरी सुविधाओं के विकास की योजना तैयार की जाएगी।इसमें आंतरिक सड़कें, सीवर लाइन, पेयजल व्यवस्था, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीन उपलब्ध कराने के बाद अब इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना अगला महत्वपूर्ण कदम है। इससे कंपनियों को अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।

निवेश के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद

सेक्टर-8 और 8डी में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित होने के साथ इंजीनियरिंग, तकनीकी कार्य, उत्पादन, रखरखाव, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार की मांग बढ़ सकती है। इसके अलावा बड़ी कंपनियों के आने से छोटे और मध्यम स्तर के सहायक उद्योगों के लिए भी अवसर बन सकते हैं। इससे एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र को एक व्यापक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है।

नोएडा एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास यमुना प्राधिकरण पहले से ही औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों के विस्तार पर जोर दे रहा है। सेक्टर-8 और 8डी में बड़े भूखंडों का आवंटन और अब आंतरिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की तैयारी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कुल मिलाकर, सेक्टर-8 और सेक्टर-8डी में प्रस्तावित परियोजनाओं से नोएडा एयरपोर्ट के आसपास सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल समेत कई क्षेत्रों का मैन्युफैक्चरिंग बेस तैयार होने की उम्मीद है। सेक्टर-8 में सेल सोल की 8,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजना, अंबर इंटरप्राइजेज और EV मैन्युफैक्चरिंग के लिए जमीन आवंटन के साथ सेक्टर-8डी में CNH और अन्य कंपनियों की परियोजनाएं इस क्षेत्र को आने वाले समय में बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती हैं।

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