7.5 KM की यहां बिछेगी नई मेट्रो लाइन ! जल्द शुरू होगा काम, देखें पूरा रूट प्लान ?

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7.5 KM की यहां बिछेगी नई मेट्रो लाइन ! जल्द शुरू होगा काम, देखें पूरा रूट प्लान ?

Udaipur Times, New Delhi : ग्रेटर नोएडा वेस्ट को नोएडा और एनसीआर के बेहतर सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने एक्वा मेट्रो के ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक विस्तार की परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) भेज दी है।

परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ होगा। प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गौड़ चौक और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले करीब आठ लाख लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।

सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 तक जाएगी मेट्रो

प्रस्तावित एक्वा मेट्रो कॉरिडोर नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 तक बनाया जाएगा। इसकी लंबाई करीब 7.5 किलोमीटर होगी। पूरा कॉरिडोर एलिवेटेड होगा। इस रूट पर कुल पांच स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 (किसान चौक के पास) स्टेशन शामिल हैं।

इस कॉरिडोर के शुरू होने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को नोएडा के प्रमुख हिस्सों तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

शाम होते ही जाम से जूझता है ग्रेटर नोएडा वेस्ट

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से बढ़ती आबादी के साथ वाहनों की संख्या भी लगातार बढ़ी है। शाम के समय इस क्षेत्र की प्रमुख सड़कों पर भारी यातायात दबाव देखने को मिलता है। गौड़ चौक और आसपास के मार्गों पर पीक आवर में जाम की समस्या आम हो गई है।

फिलहाल क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन के सीमित विकल्प उपलब्ध हैं। ई-सिटी बस सेवा संचालित होने के बावजूद बढ़ती आबादी और यात्रियों की संख्या के मुकाबले सार्वजनिक परिवहन की जरूरत काफी अधिक है।ऐसे में एक्वा मेट्रो का विस्तार इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

परियोजना पर खर्च होंगे एक हजार करोड़ रुपये से अधिक

प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से वित्तीय योगदान किया जाएगा।

परियोजना से संबंधित जरूरी एनओसी मिलने की बात भी सामने आई है। अब अंतिम मंजूरी के बाद निर्माण से जुड़ी औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

NMRC के प्रबंध निदेशक कृष्ण करुणेश के अनुसार, परियोजना से संबंधित आवश्यक एनओसी प्राप्त हो चुकी हैं। PMO से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।

आरआरटीएस से भी जुड़ सकता है क्षेत्र

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए इस मेट्रो परियोजना की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि भविष्य में यह क्षेत्र गाजियाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक प्रस्तावित आरआरटीएस नेटवर्क से भी जुड़ सकता है।

अगर दोनों परिवहन नेटवर्क के बीच प्रभावी कनेक्टिविटी विकसित होती है तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को एनसीआर के दूसरे हिस्सों और जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा

एक्वा मेट्रो का यह विस्तार नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करेगा। सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो पहुंचने के बाद यात्रियों को नोएडा के अन्य क्षेत्रों से कनेक्टिविटी मिलेगी।

वर्तमान में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़ी संख्या में आवासीय सोसायटियां और आबादी विकसित हो चुकी है। आने वाले वर्षों में यहां आबादी और यातायात दोनों बढ़ने की संभावना है। ऐसे में मेट्रो सेवा को भविष्य की परिवहन जरूरतों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आपको बता दें कि PMO की मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट को एक्वा मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा।

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