हरियाणा में 7272 करोड़ रुपए से यहां लगेगा नया पावर प्लांट, 110 हेक्टेयर पर तैयार होगा ग्रीन बेल्ट
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। HPGCL के चेयरमैन ने BHEL के अधिकारियों के साथ मीटिंग की। जानकारी के अनुसार इस बैठक में यमुनानगर स्थित चौधरी छोटू राम थर्मल पावर प्लांट (DCRTPP) में 1800 मेगावाट की नई अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल यूनिट के विस्तार पर चर्चा हुई।
मिली जानकारी के मुताबिक करीब 7,272 करोड़ रुपए की लागत वाला यह प्रोजेक्ट BHEL को EPC (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) आधार पर सौंपा गया है। ग्राउंड लेवल पर कई जरूरी काम पहले ही पूरे किए जा चुके हैं। Haryana News
BHEL ने 432 तकनीकी नक्शे मंजूरी के लिए भेजे हैं, जिनमें से 9 जून तक 106 ड्रॉइंग को मंजूरी मिल चुकी है। जानकारी के अनुसार अनुमान है कि यह पूरा प्रोजेक्ट साल 2029 तक तैयार हो जाएगा और व्यावसायिक रूप से काम करने लगेगा।
हो रही खरीद
भूमि के अध्ययन के लिए जानकारी के मुताबिक पाइलिंग चरण के लिए सीमेंट और स्टील आदि की खरीद का कार्य भी प्रगति पर है। डेडिकेटेड रेलवे साइडिंग के लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट HPGCL को प्रस्तुत की गई है, जिसकी समीक्षा की जा रही है। Haryana News
जानकारी के अनुसार मीटिंग के दौरान बताया गया कि नई इकाई को मौजूदा 2300 मेगावाट इकाइयों से अलग करने वाली महत्वपूर्ण कर्टेन वाल का सिविल कार्य जून के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि ढांचागत कार्य 15 जुलाई तक पूरा होना है। बॉयलर लाइट-अप अगस्त 2028 होना है, जिससे मार्च 2029 में इकाई की वाणिज्यिक शुरुआत होगी।
110 हेक्टेयर में ग्रीन बेल्ट
HPGCL के चेयरमैन ने जानकारी के मुताबिक कहा कि निगम द्वारा संयंत्र स्थल के पास 110 हेक्टेयर हरित पट्टी का विकास किया गया रहा है। इसके अलावा क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ाने के लिए इतने ही और क्षेत्र में पौधारोपण की योजना है। Haryana News
जानकारी के अनुसार BHEL ने निर्माण गतिविधियों के लिए एक अस्थायी 19 किलोवाट बिजली कनेक्शन लिया है और आगे के कार्यों के लिए 250 किलोवाट कनेक्शन के लिए आवेदन किया हुआ है।
भूमि अधिग्रहण
प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण का काम जानकारी के मुताबिक जारी है, जिसमें लगभग 56 एकड़ भूमि विकास के लिए निर्धारित की गई है। Haryana News इसमें से 35 एकड़ भूमि साइट स्टोर के लिए सुरक्षित कर ली गई है। मिट्टी भराव, चारदीवारी निर्माण और निचले क्षेत्र को समतल करने सहित निर्माण गतिविधियां सुचारू रूप से चल रही हैं।
