यहां बनेगा नया सेमीकंडक्टर हब, टाटा और ASML ने मिलाया हाथ, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
Udaipur Times, Semiconductor hub to be set up in Dholera : भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। इसी साल मई महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में भारत की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और नीदरलैंड की तकनीकी कंपनी एएसएमएल के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ था। इस समझौते का उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना और गुजरात में बनने वाली नई चिप निर्माण इकाई को तकनीकी सहयोग प्रदान करना है। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन की मौजूदगी में हुआ।
धोलेरा में बनेगा अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर संयंत्र
समझौते के तहत एएसएमएल, गुजरात के धोलेरा में स्थापित होने वाली टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की नई सेमीकंडक्टर इकाई की स्थापना और विस्तार में तकनीकी सहयोग देगी। इस परियोजना को भारत के सेमीकंडक्टर मिशन की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल माना जा रहा है। यह साझेदारी देश में उन्नत तकनीक, विशेषज्ञता और आधुनिक चिप निर्माण क्षमताओं को बढ़ावा देगी। साथ ही, इससे भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आयात पर निर्भरता होगी कम
धोलेरा सेमीकंडक्टर परियोजना को देश की उन प्रमुख पहलों में गिना जा रहा है, जिनका उद्देश्य चिप आयात पर भारत की निर्भरता कम करना है। वर्तमान में दुनिया के अधिकांश देशों की तरह भारत भी बड़ी मात्रा में सेमीकंडक्टर चिप्स का आयात करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से देश में उच्च मूल्य वाले विनिर्माण, तकनीकी हस्तांतरण और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर गंतव्य के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर सकेगा।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा भारत
पिछले कुछ वर्षों में भारत सरकार ने नीति समर्थन, वैश्विक साझेदारियों और बड़े निवेशों के जरिए देश में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एएसएमएल की यह साझेदारी इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।
उद्योग जगत का मानना है कि यह सहयोग भारत को वैश्विक चिप निर्माण मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाने और आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का बड़ा केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
रोजगार और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एएसएमएल की यह साझेदारी केवल मशीनों और अत्याधुनिक तकनीक तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश में कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी विशेष जोर देगी। दोनों कंपनियां मिलकर लिथोग्राफी और सेमीकंडक्टर निर्माण से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करेंगी। इसके साथ ही अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) के ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा।
इस पहल से भारत में हाई-टेक उद्योगों के लिए बड़ी संख्या में कुशल इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करने में मदद मिलेगी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि धोलेरा सेमीकंडक्टर परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती मिलेगी, जिससे देश का औद्योगिक और विनिर्माण ढांचा और अधिक सशक्त हो सकेगा।
यह परियोजना न केवल भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में अहम साबित होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार, नवाचार और तकनीकी विकास के नए अवसर भी लेकर आएगी।
