1200 करोड़ के निवेश से यहां बनेगा नया सेमी हाईटेक हब, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
Udaipur Times, Rajasthan News : राजस्थान ने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। भिवाड़ी के सालारपुर-खुशखेड़ा क्षेत्र में प्रदेश के पहले सेमीकंडक्टर क्लस्टर की शुरुआत कर दी है। भिवाड़ी की इस परियोजना ने देश और दुनिया के निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
यह क्लस्टर एल्सीना इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है और इसे राजस्थान की औद्योगिक प्रगति में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
राजस्थान सरकार का ऐसा मानना है कि यह पहल “विकसित राजस्थान-2047” के लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे राज्य को पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़ाकर हाई-टेक और तकनीकी अर्थव्यवस्था की ओर ले जाया जाएगा।
1,200 करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्रस्ताव
भिवाड़ी के इस सेमीकंडक्टर क्लस्टर में अब तक 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 11 कंपनियों ने तकरीबन 900 करोड़ रुपये के निवेश के साथ काम शुरू कर दिया है। यहां सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स, RFID, ईवी पार्ट्स और एयर कंडीशनर निर्माण से जुड़े उद्योग संचालित हो रहे हैं।
40 से 60 करोड़ यूनिट तक करने का लक्ष्य
इस क्लस्टर की वर्तमान वार्षिक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग क्षमता लगभग 6 करोड़ यूनिट है, जिसे आने वाले 2–3 सालों में बढ़ाकर 40 से 60 करोड़ यूनिट तक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही SSD, डेटा स्टोरेज और उन्नत पैकेजिंग तकनीक पर भी काम किया जा रहा है।
सेमीकंडक्टर नीति लागू
राजस्थान सरकार ने मार्च 2026 में सेमीकंडक्टर नीति लागू की है, जिसके तहत राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार जोधपुर-पाली-मारवाड़ और कांकणी जैसे क्षेत्रों को प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित कर रही है। नीति के तहत उद्योगों को भूमि आवंटन, सिंगल विंडो सिस्टम और बिजली-पानी जैसी सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बड़े पैमाने पर रोजगार
सेमीकंडक्टर सेक्टर के विस्तार से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, चिप डिजाइन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। राज्य में कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत युवाओं को सेमीकंडक्टर डिजाइन और निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे इस उभरते उद्योग का हिस्सा बन सकें।
