100 एकड़ जमीन पर यहां खुलने जा रही नई चीनी मिल ! हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार
Udaipur Times, New Delhi : भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड में जिले की पहली चीनी मिल खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए तरारी प्रखंड के बिहटा मौजा में करीब 100 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। जमीन के चयन के बाद अब चीनी मिल की स्थापना को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
चीनी मिल खुलने से भोजपुर के दक्षिणी क्षेत्र के साथ पूरे जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलने से किसानों की आय बढ़ने और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
बिहिया के बाद तरारी में चीनी मिल के लिए हुए जमीन का चयन
पिछले महीने गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जिले में चीनी मिल खोलने के लिए उपयुक्त जमीन की रिपोर्ट जिला प्रशासन से मांगी थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने जमीन की तलाश शुरू की।
शुरुआत में बिहिया में जमीन की पहचान की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से वहां प्रक्रिया में देरी होने की संभावना को देखते हुए तरारी में दूसरी जमीन चिह्नित की गई। तरारी अंचल के बिहटा मौजा में करीब 100 एकड़ जमीन चीनी मिल के लिए उपयुक्त पाई गई है।
जिला प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों से एनओसी और सहमति लेने के बाद जमीन से जुड़ी रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है।
गन्ने की खेती और सिंचाई को लेकर मांगी गई प्रशाशन से रिपोर्ट
विभाग से सहमति मिलने के बाद अब प्रस्तावित चीनी मिल के आसपास गन्ने की उपलब्धता और खेती की संभावनाओं को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कृषि और गन्ना विकास विभाग से स्थानीय स्तर पर गन्ने की खेती, सिंचाई के साधन, संभावित उत्पादन और अन्य जरूरी बिंदुओं की जानकारी मांगी गई है।
रिपोर्ट मिलने के बाद चीनी मिल खोलने की प्रक्रिया में और तेजी आने की उम्मीद है। बिहार सरकार सात निश्चय-3 के तहत राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में भोजपुर में चीनी मिल खोलने की पहल की जा रही है।
कभी बड़े पैमाने पर होती थी गन्ने की खेती
तरारी और आसपास के इलाकों में पहले बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती होती थी। पुराने समय में यहां गन्ने की खेती किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण जरिया थी। चीनी मिल खुलने के बाद क्षेत्र में एक बार फिर बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय स्तर पर गन्ने की मांग और खरीद की व्यवस्था बनने से किसानों को अपनी उपज के लिए बाजार मिलने में आसानी हो सकती है। इससे खेती से जुड़े रोजगार के साथ परिवहन, मजदूरी और अन्य सहायक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
कृषि और गन्ना विभाग तैयार कर रहा रिपोर्ट
जिला प्रशासन के निर्देश के बाद कृषि और गन्ना विकास विभाग प्रस्तावित चीनी मिल के आसपास के क्षेत्र में गन्ने की खेती की संभावनाओं का आकलन कर रहा है। विभाग सिंचाई के साधन, संभावित उत्पादन, खेती के क्षेत्र और किसानों की रुचि समेत कई पहलुओं की जानकारी जुटा रहा है।
विभाग से जुड़े लोगों के अनुसार, स्थानीय लोगों में चीनी मिल को लेकर उत्साह है। लोगों का मानना है कि मिल खुलने से गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
भोजपुर के साथ अरवल और रोहतास को भी मिल सकता है इसकाप लाभ
तरारी में चीनी मिल खुलने का फायदा केवल भोजपुर जिले तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। भोजपुर के तरारी, पीरो, चरपोखरी, संदेश, कोईलवर, उदवंतनगर और अगिआंव समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा दक्षिपणी भोजपुर से सटे अरवल और रोहतास जिले के किसानों और लोगों को भी इसका फायदा मिल सकता है। इन क्षेत्रों में गन्ने की खेती बढ़ने से किसानों की आय बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
तरारी में 500 एकड़ से अधिक जमीन औद्योगिक विकास के लिए हुई चिह्नित
तरारी अंचल में औद्योगिक विकास के लिए 500 एकड़ से अधिक जमीन चिह्नित की गई है। इसमें कुछ जमीन पहले ही वन विभाग को दी जा चुकी है, जबकि सुधा के लिए भी करीब पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है।
अब करीब 100 एकड़ जमीन चीनी मिल के लिए चिह्नित की गई है। इसके बाद भी तरारी क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध होने की बात कही जा रही है। चीनी मिल की स्थापना से तरारी क्षेत्र में गन्ने की खेती, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जमीन और कृषि संबंधी रिपोर्ट पूरी होने के बाद परियोजना की अगली प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।