240 करोड़ से यहां बनेगा नया अंडरपास ! सरकार ने दी मंजूरी, ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत
Udaipur Times, New Delhi : अयोध्या और सुलतानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या को कम करने के लिए लखनऊ में कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में अयोध्या रोड पर दो और सुलतानपुर रोड पर एक अंडरपास बनाने की तैयारी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इस परियोजना की लागत पहले करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन डिजाइन में बदलाव और अंडरपास के साथ एप्रोच रोड को शामिल किए जाने के बाद प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत बढ़कर 240 करोड़ रुपये हो गई है।
अब इस प्रस्ताव को केंद्रीय वित्त मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय की ओर से अगस्त के आखिरी सप्ताह में प्रस्ताव पर कुछ आपत्तियां जताई गई थीं। इसके बाद लखनऊ NHAI ने जरूरी संशोधन करते हुए फाइल दोबारा अनुमोदन के लिए भेज दी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह तक वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिल सकती है।
अयोध्या और वाराणसी जाने वाले श्रद्धालुओं को भी मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत
अयोध्या और वाराणसी में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के साथ इन मार्गों पर यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए करीब डेढ़ साल पहले इन अंडरपास का प्रस्ताव तैयार किया गया था। NHAI के मुताबिक, मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य को गति दी जाएगी और जून 2028 तक अंडरपास तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना का उद्देश्य केवल मौजूदा जाम को कम करना ही नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले ट्रैफिक को देखते हुए सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाना भी है।
100 मीटर लंबा और फोर लेन होगा अंडरपास
प्रस्तावित अंडरपास करीब 100 मीटर लंबा और फोर लेन का होगा। इसके दोनों तरफ एप्रोच रोड भी बनाई जाएगी। यह व्यवस्था वाहनों को मुख्य सड़क पर अनावश्यक रूप से यू-टर्न लेने से बचाने में मदद करेगी।NHAI अधिकारियों के मुताबिक, आउटर रिंग रोड की तरफ से बख्शी का तालाब (BKT) की ओर आने वाले हल्के और भारी वाहन अयोध्या रोड पर सीधे जा सकेंगे। वहीं, जिन वाहनों को दिशा बदलने या यू-टर्न लेने की जरूरत होगी, वे अंडरपास के रास्ते से निकल सकेंगे। प्रस्तावित अंडरपास गोयल हाइट्स के आसपास बनाया जाना है। इसकी डिजाइन इस तरह तैयार की गई है कि अयोध्या रोड और सुलतानपुर रोड की तरफ से आने-जाने वाले ट्रैफिक को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
कार शोरूम के पास बनेगा अंडरपास
अंडरपास को एक कार शोरूम के पास प्रस्तावित किया गया है। NHAI की योजना के अनुसार सड़क के दोनों तरफ अंडरपास में प्रवेश और निकास के लिए इंटरसेक्शन और एप्रोच रोड विकसित की जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि डिजाइन में इन व्यवस्थाओं को शामिल करने का उद्देश्य ट्रैफिक को सुचारु बनाना है। इससे वाहनों को मुख्य मार्ग पर अचानक कट लेने या यू-टर्न लेने की जरूरत कम होगी।
आउटर रिंग रोड पर रोजाना 60 हजार से ज्यादा वाहनों का दबाव
लखनऊ के आउटर रिंग रोड पर मौजूदा समय में प्रतिदिन 60 हजार से अधिक हल्के और भारी वाहन गुजर रहे हैं। ट्रैफिक का यह दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले वर्षों में सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए अंडरपास और एप्रोच रोड जैसी सुविधाओं को जरूरी माना जा रहा है।NHAI की योजना के मुताबिक, अंडरपास बनने के बाद स्थानीय और लंबी दूरी के ट्रैफिक को अलग-अलग तरीके से संचालित करने में मदद मिल सकती है। इससे मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित करने का प्रयास किया जाएगा।
इसी प्रोजेक्ट में किसान पथ की सर्विस रोड भी शामिल
240 करोड़ रुपये के प्रस्ताव में सिर्फ अंडरपास ही नहीं, बल्कि अयोध्या रोड से सुलतानपुर रोड तक बने किसान पथ की सर्विस रोड का काम भी शामिल किया गया है। प्रस्तावित सर्विस रोड करीब 3.5 मीटर चौड़ी होगी। इसके लिए जमीन का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है। करीब 22 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड को दिसंबर 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।सर्विस रोड बनने के बाद किसान पथ से जुड़े आसपास के कई गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में इन क्षेत्रों के कई गांव सीधे तौर पर इस मार्ग से जुड़े नहीं हैं।
तीन अंडरपास और सर्विस रोड से बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम
NHAI की योजना के तहत किसान पथ के किनारे सर्विस रोड के अलावा अयोध्या रोड पर दो और सुलतानपुर रोड पर एक अंडरपास बनाया जाना है। परियोजना की डिजाइन में बदलाव किया गया है। पहले के प्रस्ताव में जहां सिर्फ अंडरपास पर जोर था, वहीं अब इनके साथ एप्रोच रोड को भी शामिल किया गया है। इसी वजह से प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत बढ़कर 240 करोड़ रुपये हो गई है। इन सभी सुविधाओं का उद्देश्य लखनऊ के इस महत्वपूर्ण सड़क नेटवर्क पर बढ़ते यातायात को बेहतर तरीके से संभालना और भविष्य की ट्रैफिक जरूरतों के हिसाब से बुनियादी ढांचे को तैयार करना है।
अक्टूबर में मिल सकती है निर्माण कार्य को अंतिम मंजूरी
NHAI अधिकारियों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय की ओर से प्रस्ताव पर उठाई गई आपत्तियों के बाद जरूरी संशोधन कर फाइल दोबारा भेजी जा चुकी है। अब परियोजना को वित्त मंत्रालय की अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। अधिकारियों को उम्मीद है कि अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह तक प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल सकती है। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और जून 2028 तक अंडरपास पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद अयोध्या और सुलतानपुर रोड के साथ-साथ किसान पथ से जुड़े इलाकों में यातायात व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।