पुलिस के एक ताने ने बदली स्वीटी की तकदीर, पहले प्रयास में अटेंप्ट में PCS क्रैक कर बनी अफसर

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पुलिस के एक ताने ने बदली स्वीटी की तकदीर, पहले प्रयास में अटेंप्ट में PCS क्रैक कर बनी अफसर 

Udaipur Times, Success Story of PCS Officer Sweety Upadhyay : समाज में बदलाव लाने का जज्बा और कठिन परिस्थितियों से लड़ने का हौसला किसी भी इंसान को मंजिल तक पहुंचा सकता है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली स्वीटी उपाध्याय इसकी जीती-जागती मिसाल हैं। उन्होंने हाई पैकेज वाली कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ी, निजी जीवन में तलाक और आर्थिक संकट जैसी मुश्किलों का सामना किया, लेकिन हार नहीं मानी। कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) 2019 की परीक्षा पहले ही प्रयास में पास कर 55वीं रैंक हासिल की और सहायक आयुक्त उद्योग (Assistant Commissioner Industries) बनीं।

पुलिस के एक ताने ने बदली स्वीटी की तकदीर

प्रयागराज की रहने वाली हैं स्वीटी उपाध्याय

स्वीटी उपाध्याय उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के कटरा की रहने वाली हैं। उनके पिता संत शरण उपाध्याय और मां साधना उपाध्याय इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकील हैं। परिवार में पढ़ाई का अच्छा माहौल होने के कारण स्वीटी बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं। उनके भाई-बहन भी वकालत के क्षेत्र से जुड़े हैं, जबकि प्रशासनिक सेवा में जाने वाली वह परिवार की पहली महिला हैं।

MBA के बाद मिली हाई पैकेज वाली नौकरी

स्वीटी ने साल 2013 में हैदराबाद स्थित ICFAI Foundation for Higher Education से MBA किया। कैंपस प्लेसमेंट के जरिए उन्हें दिल्ली की एक प्रतिष्ठित निजी कंपनी में हाई पैकेज वाली नौकरी मिल गई। हालांकि नौकरी के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि वह समाज के जरूरतमंद लोगों की उतनी मदद नहीं कर पा रही हैं, जितनी वह करना चाहती थीं। इसी सोच ने उन्हें सरकारी सेवा की ओर प्रेरित किया।

पुलिस के एक ताने ने बदली स्वीटी की तकदीर

तलाक और आर्थिक संकट ने बढ़ाई मुश्किलें

स्वीटी की शादी कम उम्र में हो गई थी, लेकिन कुछ समय बाद रिश्तों में तनाव बढ़ा और मामला तलाक तक पहुंच गया। इस दौरान उन्होंने नौकरी भी छोड़ दी, जिससे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की चुनौतियां सामने आईं। खर्च चलाने के लिए उन्होंने Ministry of Statistics and Programme Implementation में कंटेंट क्रिएटर के रूप में भी काम किया, लेकिन उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा ही था।

घरेलू हिंसा की शिकार महिला से मुलाकात बनी टर्निंग पॉइंट

स्वीटी के जीवन का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब एक घरेलू हिंसा की शिकार महिला मदद के लिए उनके पास पहुंची। घायल महिला को न्याय दिलाने के लिए वह पुलिस थाने गईं, लेकिन वहां एक पुलिसकर्मी ने टिप्पणी की, "आजकल औरतें आलसी हो गई हैं।"

यह बात स्वीटी को अंदर तक झकझोर गई। उन्होंने उसी दिन तय कर लिया कि उन्हें ऐसा प्रशासनिक पद हासिल करना है, जहां से वह जरूरतमंद और प्रताड़ित लोगों की प्रभावी मदद कर सकें।

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2016 से शुरू की तैयारी, पहले ही प्रयास में मिली सफलता

स्वीटी ने साल 2016 से UPPSC की तैयारी शुरू की। कुछ समय कोचिंग लेने के बाद उन्होंने नियमित सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया। मेहनत रंग लाई और UPPSC 2019 की परीक्षा में पहले ही प्रयास में 55वीं रैंक हासिल कर Assistant Commissioner Industries के पद पर चयनित हो गईं।

आज महिलाओं को बना रही हैं आत्मनिर्भर

वर्तमान में स्वीटी उपाध्याय गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में सहायक आयुक्त उद्योग के रूप में कार्यरत हैं। वह उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, स्वरोजगार, बैंक ऋण, कौशल विकास और आत्मरक्षा के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों का अनुभव उन्हें बेहतर नीतियां लागू करने में मदद करता है।

स्वीटी उपाध्याय का कहना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे पहले NCERT से बेसिक कॉन्सेप्ट मजबूत करें, फिर अपने संक्षिप्त (क्रिस्प) नोट्स तैयार करें। उनका मानना है कि कठिन परिस्थितियां कभी भी मंजिल की राह नहीं रोक सकतीं। अगर मेहनत सही दिशा में की जाए और खुद पर भरोसा रखा जाए, तो हर मुश्किल दौर को पार किया जा सकता है।

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