लब्बैक की सदाओं के साथ 53 जयरिनों का दल उमराह के लिए रवाना
मुस्लिम समाज के 53 जायरिनों का एक दल आज लब्बैक की सदाओं के साथ रवाना हुआ। जायरिनों को विदा करने परिजनों एवं रिश्तेदारों का हंजूम उमड़ पड़ा। यह दल जियारत कर पन्द्रह दिन में वापस लौटेगा। स अवसर पर नातखानों ने नातेपाक पढ़ी। हाजियों के साथ देश में अमन चैन एवं खुशहाली की दुआएं की गई।
मुस्लिम समाज के 53 जायरिनों का एक दल आज लब्बैक की सदाओं के साथ रवाना हुआ। जायरिनों को विदा करने परिजनों एवं रिश्तेदारों का हंजूम उमड़ पड़ा। यह दल जियारत कर पन्द्रह दिन में वापस लौटेगा।
सैय्यद टुर एंड ट्रेवल्स के अमजद अली ने बताया कि इस मौके पर यात्रियों को समाज के लोगों ने फूल मालाएं पहना विदा किया। इस मौके पर सैय्यद रेहान अली, जीशान अली, कलीम खान, पार्षद रशीद खान, नासिर खान ने भी यात्रियों का इस्तकबाल किया। टूर्स के सैय्यद फैजान अली के साथ एक माह की यात्रा में जियारत करेगें।
इस अवसर पर नातखानों ने नातेपाक पढ़ी। हाजियों के साथ देश में अमन चैन एवं खुशहाली की दुआएं की गई। अमजद अली ने बताया कि उमराह के साथ-साथ यह दल वहां स्थित दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद और खानाए ए काबा,गारे सौर, गारे हिरा, मैदाने अरफात, मीना, जबले रहमत, मस्जिदे जिन, मस्जिदे फतह, मस्जिदे जोराना जैसे पवित्र स्थलों की जियारत करेंगा।
