सकारात्मक दृ़ष्टि से खुलेगा अच्छाईयों का खजाना
श्रमण संघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि कुमुद ने कहा कि यहां सब कुछ बुरा नही है अच्छा भी बहुत कुछ है उसे भी समझने का प्रयत्न करो। कुछ अपनी दृष्टि को सकारात्मक बनाओगे तो निश्चित रूप से अच्छाईयों का खजाना खुल जाएगा।
श्रमण संघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि कुमुद ने कहा कि यहां सब कुछ बुरा नही है अच्छा भी बहुत कुछ है उसे भी समझने का प्रयत्न करो। कुछ अपनी दृष्टि को सकारात्मक बनाओगे तो निश्चित रूप से अच्छाईयों का खजाना खुल जाएगा।
वे आज पंचायती नोहरे में स्थित धर्म सभागार में आयोजित धर्म सभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होनें कहा कि सच तो यह है कि हम बात और प्रशंसा तो अच्छाई की करते है लेकिन अनुसरण बुराई का करते है। तुच्छ प्रलोभन के उपस्थित होने पर हम सारे सदगुणों के बखान भूल जाते है।
उन्होनें कहा कि कि हम यदि अपने सोच की दिशा बदलेंगे तो लाख बुराई में भी कोई अच्छाई जरूर मिलेगी। हर व्यक्ति आत्मशांति चाहता है किन्तु आग से खेलकर कोई आत्मशान्ति प्राप्त कर सकेगा क्या? हर बुराई एक आग का टुकड़ा है। चमक-दमक देखकर उसे छू लिया तो हाथ जले बिना नही रहेगा। उदाहरण तो अपने आस-पास घटित होते ही रहते है। बुराइयों का शिकार हर व्यक्ति होता है उसका परिणाम भोगता है।
आग से आग बुझती नही किन्तु कष्टों का सिलसिला बढ़ता ही रहता है। मानव को यदि आत्मशान्ति और प्रगति के साथ जीना है। तो उसे अपना दृष्टिकोण बदलना ही पड़ेगा। सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाये बिना जीवन जीने की राह प्रशस्त नही होगी।
मुनि जी ने बताया कि हम समाज और परिवार के बीच में रहते है यदि नकारात्मक विचार रखकर किसी समूह में रहेगे तो आपको सभी व्यक्ति गलत लगेगें। उसका परिणाम परस्पर द्वन्द्व होगा। प्रवचन सभा को विकसित मुनि ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन हिम्मत बड़ाला ने किया।
