मुफ़्ती ए आज़म हिन्द मौलाना अख्तर राजा खां अज़हरी के इन्तेकाल से मुस्लिमो में शोक की लहर
अन्जुमन तालीमुल इस्लाम के सदर मोहम्मद खलील खान व प्रवक्ता जहीरुद्दीन सक्का ने निहायत अफसोस के साथ बताया कि 20 जुलाई 2018 बरोज़ जुम्आ को सय्यदी सरकार अलामा अख़्तर रज़ा खां अज़हरी का इन्तेकाल बरेली शरीफ में हो गया हें, और जिससे सुन्नी मुसलमानों एवं आपके चाहने वालो के घरो में ग़म की लहर दौड़ गई।
अन्जुमन तालीमुल इस्लाम के सदर मोहम्मद खलील खान व प्रवक्ता जहीरुद्दीन सक्का ने निहायत अफसोस के साथ बताया कि 20 जुलाई 2018 बरोज़ जुम्आ को सय्यदी सरकार अलामा अख़्तर रज़ा खां अज़हरी का इन्तेकाल बरेली शरीफ में हो गया हें, और जिससे सुन्नी मुसलमानों एवं आपके चाहने वालो के घरो में ग़म की लहर दौड़ गई।
मौलाना अख्तर राजा खां अज़हरी के इन्तेकाल पर उदयपुर में 21 जुलाई 2018 को अन्जुमन तालीमुल इस्लाम कमेटी की और से ऐलान किया गया हें कि सभी मुस्लिम अपना कारोबार एवं मदरसे, स्कूल आदी बंद रखे व अपने मोहल्लो कि मस्जिदो व मदरसो में कुरआन ख्वानी व मिलाद का एहतमाम करें और बाद नमाजे इशां अन्जुमन तालीमुल इस्लाम कमेटी की जानिब से इज़तमाई तौर पर हज़रत की ताजियती प्रोग्राम में कुरआन ख्वानी व मिलाद का प्रोग्राम रखा गया है। उदयपुर संभाग से आप के मुरीद अपने निजी वाहनों, कारो, बसों व ट्रेनो से बरेली शरीफ के लिए रवाना हुए एवं आज भी उदयपुर से बसे रवाना हुई।
उल्लेखनीय है की अज़हरी मियां अहले सुन्नत वल जमाअत की एक बहुत बड़ी हस्ती थी। भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में उनके करोड़ो की तादाद में उनके मुरीद है। उनकी गिनती विश्वभर के आलिमो में की जाती है। अज़हरी मियां ने 2 फरवरी 1943 में ख़ानदान ए आला हज़रत में जन्म लिया था। वह बरेलवी आंदोलन के संस्थापक अहमद रज़ा खां के वंशज है।
मौलाना अख्तर रज़ा खां ने सन 2000 में उत्तर प्रदेश के बरेली में इस्लामिक स्टडीज जमीउर रज़ा के नाम से एक इस्लामी धर्मशास्त्र की स्थापना की थी। उन्होंने विज्ञानं, धर्म और दर्शन सहित की विषयो पर किताबे लिखी है। 2011 में वे अमेरिका की जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी के इस्लामिक क्रिस्चियन अंडरस्टैंडिंग सेण्टर की ओर से किये गए सर्वे में 28वे स्थान पर आये, इसके अतिरिक्त वह जॉर्डन की रॉयल इस्लामिक स्ट्रैजिक स्टडीज में 22वे स्थान पर आये।