अनाथ छात्रा से मांग रहे है पिता की वार्षिक आय का लेखा – छात्रवृत्ति के लिए भटक रहे हैं कई छात्र
समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय विभाग द्वारा एस.टी, एस.सी एवं ओ.बी.सी के विद्यार्थियों को जो छात्रवृत्ति दी जा रही है, जिसकी अंतिम तिथि पहले 15 दिसम्बर 2012 को थी परन्तु फॉर्म में नियमों को लेकर कुछ परिवर्तन आने से फॉर्म जमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जनवरी कर दी गई। नियम बदलने से छात्रवृत्ति फॉर्म में इतनी विस्तृत प्रक्रिया एवं इतनी जटिलता बढ गई जिससे सभी विद्यार्थी पिछले कई दिनों से इसी फॉर्म के चक्कर में इधर-उधर भटक रहे है।
समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय विभाग द्वारा एस.टी, एस.सी एवं ओ.बी.सी के विद्यार्थियों को जो छात्रवृत्ति दी जा रही है, जिसकी अंतिम तिथि पहले 15 दिसम्बर 2012 को थी परन्तु फॉर्म में नियमों को लेकर कुछ परिवर्तन आने से फॉर्म जमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जनवरी कर दी गई। नियम बदलने से छात्रवृत्ति फॉर्म में इतनी विस्तृत प्रक्रिया एवं इतनी जटिलता बढ गई जिससे सभी विद्यार्थी पिछले कई दिनों से इसी फॉर्म के चक्कर में इधर-उधर भटक रहे है।
विद्यार्थियों को फॉर्म में कई समस्या आ रही है जैसे आधार कार्ड सम्बन्धी, राजपत्रित अधिकारी से साक्ष्यांकित एवं पिता की वार्षिक आय यह सब फॉर्म में अनिवार्य कर दिया गया है। आज सभी जानते है कि लोगों को आधार कार्ड बनवाने में कितने दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और जो विद्यार्थी आदिवासी क्षेत्रों से संबंधित है, उन सभी विद्यार्थियों के आधार कार्ड ना होने से उनके फॉर्म विभाग द्वारा वापस लौटा दिए गए हैं।
वही फॉर्म में यह अनिवार्य है कि इसमें किसी भी राजपत्रित अधिकारी से साक्ष्यांकित होना चाहिए परन्तु आज कोई भी राजपत्रित अधिकारी फॉर्म पर साक्ष्यांकित करने के लिए तैयार नहीं होता है। जब तक राजपत्रित अधिकारी उस विद्यार्थी को जानता नहीं है वह गवाह बनने के लिए तैयार नहीं होता है और इसी के चलते विद्यार्थियों को समस्या का सामना करना पद रहा है। इसी सिलसिले में आज महाविद्यालय के विद्यार्थियों के अपनी समस्या विभाग में बताई।
गुरु नानक गर्ल्स पी.जी कॉलेज की छात्रा लक्ष्मी जो अनाथ है ने फॉर्म में दी गई जानकारी को नियमों अनुसार भरी, यहाँ तक की उसने अपने माता-पिता का मृत्यु प्रमाण-पत्र भी फॉर्म में लगा कर भेजा परन्तु विभाग ने उसे अनदेखा करके वापस कॉलेज में भेज दिया यह लिख कर कि पिता का वार्षिक आय प्रमाण पत्र लगाया जाये। वही लक्ष्मी ने यह भी कहा कि वह अपने छोटे भाई के साथ घर में अकेली रहती है और उसकी आर्थिक स्थिति कमज़ोर है। फिर भी वह अपने बलबूते पर पढाई कर रही है।
वही पेसिफिक पॉलीटेक्निक के छात्र भी विभाग के चक्कर काट रहे है परन्तु उनकी समस्या कोई नहीं सुन रहा था। उनकी पहले साल की छात्रवृत्ति राशी तो आधी आई परन्तु दूसरे साल की छात्रवृत्ति राशी तो आई ही नहीं और इसी के चलते उन्होंने इस बार छात्रवृत्ति फॉर्म भरा ही नहीं। उन्होंने यह कहा कि मैंने इस सिलसिले में समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय विभाग में सूचित किया परन्तु विभाग कर्मचारी का हमेशा यही कथन रहा है की आजेयगी हमने आगे बात कर रखी है परन्तु उनकी छात्रवृत्ति राशी अभी तक नहीं आई है।
समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय विभाग अधिकारी संतोष ने समस्या लेकर आए विद्यार्थियों सेबड़ा रुखा जवाब दे बात को ताल दिया । विद्यार्थीयों का कहना था कि हम अपनी समस्याओ को लेकर कितनी बार इनसे बात की परन्तु इन्होने हमेशा हमको किसी ना किसी कारण से वापस भेज दिया।
यह सभी समस्याओं को लेकर आज जब सभी विद्यार्थी अतिरिक्त जिला कलेक्टर बी.आर भाटी के पास अपनी समस्या को लेकर गए तब उन्होंने एक-एक विद्यार्थियों के मांग को सुनते हुए इसका समाधान निकाला। उन्होंने कहा कि जितने भी महाविद्यालयों में राजपत्रित अधिकारी से साक्ष्यांकित समस्या वाले फॉर्म में है उन्हें वह यहाँ लाया जाए और अधर कार्ड सम्बन्धी समस्या का भी हल निकाला एवं उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों को फॉर्म के लिए यहाँ से ही आधार कार्ड दिए जायेगे।
इससे सभी विद्यार्थियों में उम्मीद तो जाग गयी पर मन में यही शंका है कि क्या आगे के अधिकारी भी उनकी मदद करेंगे या फिर उन्हें खरी खोटी सुना कर चक्कर कटवाएँगे।
