231 हेक्टेयर जमीन पर यहां बनेगी Aerocity Township ! इन 3 गांवों की जमीन खरीदेगा GDA, जानें पूरा प्लान ?
Udaipur Times, Aerocity Township Ghaziabad : गाजियाबाद में एक बड़ी एयरोसिटी टाउनशिप विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) राजनगर एक्सटेंशन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास करीब 231 हेक्टेयर जमीन पर इस महत्वाकांक्षी टाउनशिप को विकसित करेगा। प्राधिकरण ने योजना के लिए जमीन चिह्नित करने के साथ किसानों और जमीन मालिकों से आपत्तियां भी मांगी हैं। अब आपत्तियों के निस्तारण के बाद जमीन लेने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
231.3710 हेक्टेयर जमीन पर विकसित होगी एयरोसिटी
जीडीए ने राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में 231.3710 हेक्टेयर जमीन को एयरोसिटी टाउनशिप के लिए चिह्नित किया है। इस योजना में शामिल जमीन को लेकर किसानों और अन्य जमीन मालिकों से आपत्तियां मांगी गई हैं। संबंधित लोग 15 दिन के भीतर जीडीए के नवयुग मार्केट स्थित कार्यालय में अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। प्राधिकरण के मुताबिक, यदि जमीन मालिकों या किसानों की ओर से कोई आपत्ति आती है तो जीडीए की टीम उसका परीक्षण और निस्तारण करेगी। इसके बाद योजना के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यानी फिलहाल प्रोजेक्ट की जमीन से जुड़ी शुरुआती औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
इन 3 गांवों की जमीन लेगा GDA
एयरोसिटी टाउनशिप के लिए राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र के अटौर, मोरटी और मेवला अगरी गांवों की जमीन चिह्नित की गई है। जीडीए इस जमीन को योजना में शामिल करने के लिए करीब 2,831 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी में है। प्राधिकरण की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि योजना के लिए चिह्नित जमीन को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ने के दौरान जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक रहेगी। ऐसे में चिह्नित क्षेत्र में जमीन खरीदने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
एयरोसिटी में क्या-क्या होगा?
गाजियाबाद की प्रस्तावित एयरोसिटी को मुख्य रूप से कमर्शियल और बिजनेस गतिविधियों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। यहां बड़ी कंपनियों के ऑफिस, होटल, रेस्तरां, मॉल, दुकानें और शोरूम जैसी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए प्लॉट विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा योजना में कॉलेज, स्पोर्ट्स क्लब, स्पोर्ट्स एकेडमी और गोल्फ कोर्स जैसी सुविधाओं के लिए भी जगह प्रस्तावित है। ऐसे में यह टाउनशिप सिर्फ व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र नहीं होगी, बल्कि इसमें शिक्षा, खेल और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं को भी शामिल किया जा सकता है।
लैंड पूलिंग के जरिए जमीन लेने को प्राथमिकता
जीडीए ने एयरोसिटी के लिए जमीन जुटाने के लिए मुख्य रूप से लैंड पूलिंग मॉडल को प्राथमिकता देने की योजना बनाई है। इसके तहत प्राधिकरण किसानों से जमीन लेकर उसे विकसित करेगा और बदले में विकसित जमीन का एक हिस्सा किसानों को वापस दिया जाएगा। बताया गया है कि योजना के तहत ली जाने वाली जमीन के बदले किसानों को 25 फीसदी विकसित भूमि देने का प्रावधान रखा गया है। लैंड पूलिंग मॉडल की खास बात यह है कि इसमें जीडीए को जमीन खरीदने के लिए शुरुआत में पूरी रकम खर्च नहीं करनी पड़ती। यदि किसान इस मॉडल के लिए तैयार नहीं होते हैं तो प्राधिकरण आपसी सहमति के आधार पर जमीन लेने का प्रयास करेगा।
आपत्तियों के बाद आगे बढ़ेगा पूरा प्रोजेक्ट
जीडीए के सचिव विवेक मिश्र के मुताबिक, एयरोसिटी टाउनशिप के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है और अब इस पर आपत्तियां मांगी गई हैं। आपत्ति दर्ज कराने की अवधि पूरी होने के बाद उनका निस्तारण किया जाएगा और इसके बाद प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद राजनगर एक्सटेंशन और आसपास के इलाके में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। क्रिकेट स्टेडियम के आसपास प्रस्तावित टाउनशिप विकसित होने से क्षेत्र में ऑफिस, होटल, शॉपिंग और अन्य कमर्शियल गतिविधियों के लिए नया हब तैयार हो सकता है।
GDA की योजनाओं में प्लॉट खरीदने का भी मौका
वहीं, गाजियाबाद में जीडीए की अलग-अलग योजनाओं में प्लॉट खरीदने का भी मौका मिल रहा है। इंदिरापुरम और इसकी विस्तार योजना समेत कई क्षेत्रों में रिहायशी और कमर्शियल प्लॉट नीलामी के लिए रखे गए हैं। इन प्लॉट का आकार करीब 120 वर्ग मीटर से लेकर 7,000 वर्ग मीटर तक है। नीलामी में ग्रुप हाउसिंग, हाईस्कूल, नर्सिंग होम और फैसलिटी प्लॉट भी शामिल किए गए हैं। जीडीए ने पहली बार कुछ मिक्स लैंड यूज प्लॉट भी नीलामी में शामिल किए हैं। प्राधिकरण के मुताबिक, 18 मीटर चौड़ी सड़क पर पांच मिक्स लैंड यूज प्लॉट भी उपलब्ध हैं। इस तरह एयरोसिटी की नई योजना के साथ-साथ जीडीए अपनी मौजूदा योजनाओं में भी जमीन और प्लॉट की उपलब्धता बढ़ाने पर काम कर रहा है।