जीएसटी के बाद ट्रेक्टर्स पार्ट्स की कीमत एमआरपी से अधिक हुई

ट्रेक्टर्स पार्ट्स को जीएसटी में 28 प्रतिशत की श्रेणी में रखा गया है जो कि पूर्व में ही इन पर 5.5 प्रतिश

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जीएसटी के बाद ट्रेक्टर्स पार्ट्स की कीमत एमआरपी से अधिक हुई

उदयपुर ओटोमोबाईल्स एसोसिएशन एवं उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज के संयुक्त तत्वावधान में मादड़ी स्थित चेम्बर भवन में जीएसटी पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर वाणिज्य कर विभाग की उपायुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने बताया कि वैट में 39 हजार रजिस्टर्ड डीलर्स है जिसमें से जीएसटी के प्रथम चरण में 31 हजार डीलर्स ने माईग्रेशन करवा दिये है तथा द्वितीय चरण में अब तक केवल 6 हजार माईगेशन ही हुए है। अतः सभी व्यापारियों को अतिशीघ्र माईगेशन कराना चाहिये।

सर्विस टेक्स आयुक्त रिछपाल ने सविस टेक्स संबंधित जानकारी दे कर व्यापारियों की जिज्ञासाओं को शान्त किया। विभाग के अतिरिक्त आयुक्त संजय विजय ने जीएसटी के अन्तर्गत व्यापारी को भरे जाने वाले रिटर्न कब व कैसे भरने पडेगें, इस सन्दर्भ में जानकारी दी।

वाणिज्य कर अधिकारी मनीष बक्षी ने जीएसटी के अनतर्गत किये जाने वाले माइग्रेशन एंव जीएसटी की वेबसाईट के बारे में बताया। इस सन्दर्भ में व्यापारियों के मन में जो भ्रांतिया थी उन्हें दूर किया। वाणिज्य कर अधिकारी गोपाल जैन ने आभार जताया कि दोनों ने संयुक्त रूप से व्यापारियों के लिए जीएसटी पर कार्यशाला आयोजित कर व्यापारियों की जिज्ञासाओं को शान्त करने का प्रयास किया।

उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज के अध्यक्ष हंसराज चौधरी ने बताया कि जीएसटी पर आने वाले दिनों में प्रतिदिन एक हेल्प डेस्क लगायी जाएगी जिसमें जीएसटी विशेषज्ञ सेवायें प्रदान करेंगे। कार्यशला में टेली अकाउन्टिंग सोफ्टवेयर कम्पनी के जयसिंह ने बताया कि टेली सोफ्टवेयर जीएसटी पर आधारित प्रथम सोफ्टवेयर है जिसे सरकार से मान्यता प्राप्त है। इस सोफ्टवेयर पर सभी प्रकार के अकाउन्टिंग कार्य सरलतापूर्वक किये जा सकते है तथा जीएसटी रिटर्न आसानी से दाखिल किये जा सकेंगे।

कार्यशाला के अन्त में व्यापारियों ने कहा कि ट्रेक्टर्स पार्ट्स को जीएसटी में 28 प्रतिशत की श्रेणी में रखा गया है जो कि पूर्व में ही इन पर 5.5 प्रतिशत वैट लगा हुआ है। वर्तमान स्टॉक को जीएसटी में विक्रय करने पर एस पर लगी एमआरपी की दर से भी अधिक दर हो जाएगी। इस पर सभी अधिकारियों ने सहमति प्रदान की कि इस समस्या को आगे जीएसटी काउन्सिल तक पंहुचाने का प्रयास करेंगे। ट्रेक्टर्स पार्ट्स पर यदि जीएसटी की दर 28 प्रतिशत से कम नहीं हुई तो व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।

कार्यशाला का संचालन उदयपुर ओटोमोबाईल्स एसोसिएशन के सचिव संजय नलवाया ने किया। प्रारम्भ में एसोसिएशन के अध्यक्ष चन्द्रसिंह कोठारी ने सभी अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया कि रविवार का दिन होने के बावजूद व्यापारियों के हित में इस कार्यशाला में भाग लिया। अंत में धन्यवाद यूसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने ज्ञापित किया।

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