पिछोला के बाद अब फतहसागर में भी दिखे अप्रवासी पक्षी
अप्रवासी पक्षी पिछोला के बाद फतहसागर में भी नज़र आने लगे हैं वाइलड लाइफ फोटोग्राफी क्लब, द टेलोन के सदस्य अनिल रोजर्स ने बताया कि उन्हें फतहसागर पर अवलोकन के दौरान एक साथ कर्इ अप्रवासी पक्षी दिखे जिनमें युरेशियन कामन टील, काटन पिगमी गूज़, ब्लेक टेल्ड गाडविट, एशियन पाइड स्टार्लिंग थे।
अप्रवासी पक्षी पिछोला के बाद फतहसागर में भी नज़र आने लगे हैं वाइलड लाइफ फोटोग्राफी क्लब, द टेलोन के सदस्य अनिल रोजर्स ने बताया कि उन्हें फतहसागर पर अवलोकन के दौरान एक साथ कर्इ अप्रवासी पक्षी दिखे जिनमें युरेशियन कामन टील, काटन पिगमी गूज़, ब्लेक टेल्ड गाडविट, एशियन पाइड स्टार्लिंग थे।
फतहसागर पर एक साथ कर्इ अप्रवासी पक्षी दिखने पर उनके दवारा विख्यात पक्षी विद व वाइलड लाइफ एक्सपर्ट डॉ. रज़ा तहसीन से बात की गर्इ, जिस पर उन्होनें बताया कि फतहसागर के पारिस्थतिकी तंत्र के लिए यह एक अच्छा संकेत है। उन्होनें बताया कि पहले इस झील में बड़ी तादाद में अप्रवासी पक्षी सर्दियों के दौरान नज़र आया करते थे, परन्तु अब तेज़ गति से चलती नौकाओं व उनसे होते प्रदुषण के कारण इनकी संख्या में गिरावट आती चली गर्इ और फतहसागर झील में अप्रवासी पक्षियो की संख्या कम होती गर्इ।
उन्होनें चिंता व्यक्त की कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में फतहसागर झील में अप्रवासी क्या स्थानीय पक्षी भी देखने को नहीं मिलेंगें।