देश में अब AI जांच करेगा BPL परिवार का घर कच्चा है या पक्का? ऐसे पकड़ेगा गड़बड़ी
PM Awas Yojana : देश वासियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। अब देश में BPL परिवारों को मिलने वाली योजनाओं को लेकर सरकार सख्त हो गई है। हाल ही में सरकार के नये प्रोजेक्ट के अनुसार देश में जो लोग PM आवास योजना का लाभ लेते है अब उनकी जांच AI से होने वाली है की वे वास्तविकता में गरीब है भी या नहीं। प्रधानमंत्री बीपीएल आवास योजना के तहत मिलने वाले मकानों के आवंटन को लेकर फ्रॉड होने की शिकायत अब नहीं आ पाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से राज्य में AI को लागू किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, अब बीपीएल आवास योजना के तहत आवास के लिए आवेदनों की संख्या लाखों में हो गई है। सर्वेयर और आवेदक का मौके पर आधार सत्यापन लेने के बाद AI अपना काम करेगा।
नई रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वेयर मकान की तस्वीरें लेकर गांव पहुंचा सॉफ्टवेयर तस्वीरों का विश्लेषण करेगा। इसमें AI देखेगा कि परिवार कच्चे या पक्के मकान में रहता है। दीवारें ईंट की हैं या सीमेंट से बनी हैं या फिर उस पर पक्की कोटिंग करवाई गई है। कोई आवेदक अगर के कच्चे मकान के सामने खड़े होकर फोटो खिंचवाने का प्रयास करेगा तो उसकी भी कोशिश करेगा, AI अपने जियो-फेंसिंग और सेवन मैपिंग से गड़बड़ी पकड़ लेगा।
AI फाइनल करेगा रिपोर्ट
अब तक योजना के तहत पात्रता की जांच के लिए विभाग के फील्ड सर्वेयर या वीडियो सत्यापन करने वाले लोगों को मकानों का सर्वे करने के लिए भेजा जाता था। इसमें काफी कड़े नियम है।
फिर भी विभागीय सरकार की ओर से लगातार पड़ताल में कहा गया है कि कई आवेदक लोग, जिनके पक्के मकान हैं, वे भी गड़बड़ी करके उसका लाभ उठा लेते हैं और जो कच्चे मकानों में रहने वाले वास्तविक लाभार्थियों गरीब परिवार है वे इसके लाभ से वंचित रह जाते हैं।
जानकारी के अनुसार, इस तरह की गड़बड़ियों को समाप्त करने के लिए सरकार ने नए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर AI को लागू कर दिया गया है। आवेदन में प्राप्त हुए एक या दो सर्वेयर के मौके पर जाने के बावजूद अंतिम फैसला AI का ही होगा।
