प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने वालों के लिए अलर्ट ! रजिस्ट्री डेटा खंगाल रहा आयकर विभाग

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प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने वालों के लिए अलर्ट ! रजिस्ट्री डेटा खंगाल रहा आयकर विभाग

Udaipur Times, Property News : उत्तर प्रदेश में अब जमीन और मकान के बड़े सौदों की अब गहन जांच की जाएगी। रियल एस्टेट लेनदेन पर निगरानी बढ़ाते हुए आयकर विभाग ने रजिस्ट्री कार्यालयों से संपत्ति खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड जुटाना शुरू कर दिया है। आयकर विभाग खास तौर पर उन मामलों की पड़ताल कर रहा है, जहां बड़े वित्तीय लेनदेन हुए हैं लेकिन कर संबंधी नियमों का पालन नहीं किया गया।

बीते कुछ सालों में हुआ रजिस्ट्रियों का डेटा की जांच

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग पिछले कुछ सालों में हुई रजिस्ट्रियों का डेटा खंगाल रहा है। जांच का फोकस उन सौदों पर है जिनमें टीडीएस कटौती, पैन कार्ड की जानकारी या अन्य जरूरी दस्तावेजों में गड़बड़ी की आशंका है। ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित खरीदारों और विक्रेताओं से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।

नियमों के तहत एक निश्चित राशि से अधिक मूल्य की संपत्ति खरीदने पर कई कर संबंधी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। यदि इनका पालन नहीं किया गया है तो संबंधित पक्षों को नोटिस भेजा जा सकता है। विभाग यह भी जांच रहा है कि संपत्ति बिक्री से हुई आय को आयकर रिटर्न में सही तरीके से दर्शाया गया है या नहीं।

रजिस्ट्री रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और आयकर विवरणियों का मिलान

आयकर अधिकारियों का मानना है कि कई बार संपत्ति सौदों में वास्तविक कीमत और दस्तावेजों में दर्ज राशि के बीच अंतर पाया जाता है, जिससे कर चोरी की संभावना बढ़ जाती है। इसी वजह से रजिस्ट्री रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और आयकर विवरणियों का मिलान किया जा रहा है।

विभाग केवल जमीन और मकान की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े नकद लेनदेन और अन्य उच्च-मूल्य के वित्तीय ट्रांजैक्शन पर भी नजर रख रहा है। इसका उद्देश्य कर व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना और राजस्व नुकसान को रोकना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों ने हाल के वर्षों में बड़ी संपत्तियां खरीदी या बेची हैं, उन्हें अपने सभी वित्तीय दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड और कर संबंधी कागजात व्यवस्थित रखने चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से प्रस्तुत किया जा सके।

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