हरियाणा के पांचों जिले नहीं होंगे NCR से बाहर, CM सैनी ने किया बड़ा ऐलान
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR ) की सीमा के प्रस्तावित रीशेड्यूलिंग से हरियाणा के 60% NCR क्षेत्र यानि पांच जिले बाहर नहीं होने वाले है। आज मंगलवार को NCR प्लानिंग बोर्ड की मीटिंग में यह बड़ा फैसला हुआ है। जानकारी के अनुसार मीटिंग के बाद हरियाणा CM सैनी ने बताया हरियाणा का पुराना एरिया पहले की तरह ही रहेगा। इसके अलावा NCR एरिया को लेकर राज्यों से प्रस्ताव मांगे गए हैं, जिस राज्य का प्रस्ताव अच्छा होगा, उसे लागू किया जाएगा।
CM ने जानकारी देते हुए बताया कि NCR रीजन 2047 के प्लान पर भी बैठक में चर्चा हुई है। इसको लेकर एक कमेटी बनाई गई है, जो 15 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौपेंगी। 4 नमो सिटी विकसित करने पर भी राज्यों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। साथ ही NCR में B-6 से नीचे के वाहनों को लेकर परिवर्तन योजना बनाई गई है। आरआरटीएस करनाल की तरफ और मानेसर पर काम चल रहा है। कोर एरिया को लेकर भी चर्चा हुई है। Haryana News
बदलाव से ये होता हरियााणा पर असर…
मिली जानकारी के अनुसार NCR की सीमा में बदलाव पर मुहर लगती तो सबसे ज्यादा असर महेंद्रगढ़ पर पड़ता। जिले का अधिकांश क्षेत्र 100 किलोमीटर की सीमा से बाहर है। जींद भी सीमा रेखा पर होने के कारण बड़े पैमाने पर प्रभावित होता। भिवानी और चरखी दादरी के कुछ हिस्सों पर भी इसका असर पड़ता। Haryana News
जानकारी के मुताबिक हरियाणा सरकार ने NCR में समावेश बनाए रखने के लिए 11 राष्ट्रीय राजमार्गों के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर चौड़ा कॉरिडोर बनाए रखने का प्रस्ताव दिया है। इससे NH-44 पर स्थित करनाल और पानीपत को राहत मिल सकती है। भिवानी और चरखी दादरी को भी संबंधित राष्ट्रीय राजमार्गों के माध्यम से आंशिक लाभ मिलने की संभावना है।
