राजस्थान के सभी पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सीओ कार्यालय व सभी पुलिस थाने इस साल के अंत तक तंबाकू मुक्त कैंपस होंगे। इसके लिए शुक्रवार को सभी आईजी व पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए तंबाकू की रोकथाम, उससे होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में संबध हैल्थ फांउडेशन व वॉयस ऑफ टोबेको विक्टिम (वीओटीवी) की टीम ने पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया। इसी से प्रेरित होकर पुलिस महानिदेशक मनोज भट्ट व एडीजी डॉ. बीएल सोनी ने राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों के कार्यालय व थानों को तंबाकू मुक्त परिसर बनाने के निर्देश दिए। साथ एडीजी डॉ. बीएल सोनी ने सभी आईजी व एसपी को निर्देशित किया कि वे कोटपा व किशेार न्याय अधिनियम (जेजे एक्ट) की पालना सुनिश्चित करें। इसके लिए सप्ताह में कम से कम एक दिन सभी थाना इलाकों के सार्वजनिक स्थलों व इसके आसपास के क्षेत्रों में तंबाकू विक्रेताओं व इसका सेवन करने वालों के खिलाफ चालान व जुर्माने की प्रभावी कार्रवाई करें। उन्होंने साफ कहा कि जेजे एक्ट की कार्रवाई हर जिले में आवश्यक रूप से की जाए। बीएल सोनी ने प्रशासनिक अधिकारियों व सामाजिक संगठनों के सहयोग से तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर जनजागरण अभियान चलाने की आवश्यकता जतायी।
संबंध हैल्थ फाउंडेशन की प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. हिना शेख ने बताया कि तंबाकू विक्रेता यदि 18 वर्ष से कम उम्र के लेागों को इस तरह के उत्पाद विक्रय करता है तो उनके खिलाफ जेजे एक्ट की धारा 77 में कार्यवाही की जायेगी। इसमें एक लाख रुपये तक का जुर्माना और सात साल की सजा का प्रावधान है।
वॉयस ऑफ टोबेको विक्टिम (वीओटीवी) के स्टेट पेटर्न व सवाई मान अस्पताल जयपुर के कैंसर सर्जन डॉ. पवन सिंघल ने अवगत कराया कि ग्लोबल एडल्ट टोबेको सर्वे (गेट्स) सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में पिछले 7 साल के दौरान तंबाकू के सेवनकर्ताओं में कमी आई है। ग्लोबल एडल्ट टोबेको सर्वे (गेट्स) की वर्ष-2017 में जारी हुई रिपोर्ट के मुताबिक देश में 2009 – 10 में 34.6 प्रतिशत लोग किसी न किसी रुप में तंबाकू उत्पादों का प्रयोग करते थे जो कि अब 2016-17 में 28.6 प्रतिशत हो गए है। इससे साफ पता चलता है कि तंबाकू के सेवनकर्ताओं में वर्ष-2009-10 के मुकाबले वर्ष-2016-17 में करीब 6 फीसदी की गिरावट आयी है। राजस्थान में भी इसके सकारात्मक परिणाम आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अकेले राजस्थान में तंबाकू के सेवन में कमी आई है। इस दौरान तंबाकू से पीडि़त ने भी विडियेा कांफ्रेस में अपनी जिदंगी के बारे में बताया कि किस प्रकार से उन्होने तंबाकू का सेवन किया और आज वे किस हालात में अपना जीवन गुजार रहे है।
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