विद्या निकेतन में अम्बेडकर जयंती समारोह
डॉ. अम्बेड़कर विचार मंच उदयपुर के तत्वावधान में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेड़कर की 124वीं जयन्ती के पूर्व दिवस पर सुबह 11 बजे विद्या निकेतन विद्यालय, सेक्टर 4 हिरण मगरी में जयन्ती समारोह का आयोजन किया गया।
डॉ. अम्बेड़कर विचार मंच उदयपुर के तत्वावधान में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेड़कर की 124वीं जयन्ती के पूर्व दिवस पर सुबह 11 बजे विद्या निकेतन विद्यालय, सेक्टर 4 हिरण मगरी में जयन्ती समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कमला शंकर कलासुआ, अधीक्षण अभियंता जल संसाधन विभाग ने कीं अध्यक्षीय उद्बोधन में कलासुआ ने दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए भगवान सहाय, क्षेत्रीय संगठन मंत्री, वनवासी कल्याण आश्रम ने कहा कि बाबा साहेब सम्पूर्ण समाज के पथ निर्देशक थे। उन्होंने बाबा साहेब की जीवनी एवं जीवन संघर्षो को से श्रोताओं को परिचित कराया।

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का मानना था कि अखण्ड भारत में बंधुत्व का भाव प्रत्येक भारतीय हेतु आवश्यक है; परन्तु अश्पृश्ता एक कलंक है। सहाय ने कहा कि बाबा साहेब इस बात के पक्षधर थे कि सभी को अधिकार मिलना चाहिये; परन्तु वे तुष्टीकरण के सख्त खिलाफ थे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए डॉ. चुन्नीलाल सालवी ने कहा कि समाज में चिन्तन की आवश्यकता एवं जिम्मेदारी हम बुद्धिजीवियों की है। इस मानवीय प्रबन्ध के युग में क्षमताओं के अनुरूप कार्य विभाजन को कृतिम रूप से वर्ण व्यवस्था में परिवर्तित कर दिया गया। जहां पहले कार्य प्रधान था वहां आज जाति या वर्ण प्रधान है।
कार्यक्रम में विनोद राठौड ने बाबा साहब के एक गायन ‘जिनके ओजस्वी…..हमारे बाबा साहब’ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत भंवर लाल मेघवाल ने किया। आभार की रस्म अदा करते हुए अमृत भगोरा ने सभी लोगों से मतदान करने का आव्हान किया। कार्यक्रम का संचालन मनीष मेघवाल ने किया।
कार्यक्रम में डॉ. हनुमान प्रसाद, दामोदर श्रीमाल, कार्तिकेय, मनीष शर्मा, विष्णु पालीवाल, तारा सालवी, गणवत वसीटा, लक्ष्मण रेगर, धन्नालाल, लाल चन्द, सुन्दरलाल, सहित कई गणमान्य एवं बुद्धिजीवि उपस्थित थे।