ChatGPT और YouTube से तैयारी कर अमीषा बनीं अफसर, बिना कोचिंग हासिल किया मुकाम
Udaipur Times, BPSC Success Story Amisha Gautam : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में इस वर्ष 2009 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इनमें मुजफ्फरपुर की अमीषा गौतम ने बिना किसी कोचिंग के दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी (Rural Development Officer) का पद प्राप्त किया है। उनकी सफलता की कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
सौतेली मां ने हर कदम पर हौसला बढ़ाया
अमीषा गौतम बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के शाहबाजपुर की रहने वाली हैं। उनके पिता मनोज कुमार बिहार प्रशासनिक सेवा (BPSC) के अधिकारी हैं। अमीषा ने कम उम्र में अपनी मां अंजु प्रभा को खो दिया था। इसके बाद उनकी सौतेली मां ज्योति कुमारी ने उनका पूरा साथ दिया और हर कदम पर हौसला बढ़ाया।

दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई
स्कूली शिक्षा DAV बखरी से पूरी करने के बाद अमीषा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स से इतिहास विषय में स्नातक किया। वर्तमान में वह कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून (LLB) की पढ़ाई कर रही हैं। इसी दौरान उन्होंने सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी भी जारी रखी।
बिना कोचिंग YouTube, Telegram और ChatGPT से की तैयारी
अमीषा ने किसी भी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने YouTube, Telegram, सेल्फ स्टडी और AI टूल ChatGPT की मदद से परीक्षा की तैयारी की। उन्होंने बताया कि मेन्स और इंटरव्यू की तैयारी में ChatGPT ने काफी मदद की। खास बात यह रही कि उन्होंने प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू के लिए कोई मॉक टेस्ट भी नहीं दिया।
दूसरे प्रयास में मिली सफलता
BPSC में यह अमीषा का दूसरा प्रयास था और इसी कोशिश में उन्होंने सफलता हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी का पद प्राप्त किया। उनका कहना है कि असफलता से घबराने की बजाय लगातार मेहनत और सही रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

अब UPSC है अगला लक्ष्य
BPSC में सफलता मिलने के बाद भी अमीषा का सफर यहीं नहीं रुका है। उनका अगला लक्ष्य UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना है। उनका मानना है कि आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
