शिक्षक मानव समुदाय के लिए अमृत कलश- प्रो. सांरगदेवोत
शिक्षक मानव समुदाय के लिए एक अमृत कलश के समान है शिक्षक इस शिक्षा रूपी अमृत का रसास्वादन कर के ही अपने समाज के सर्वांगिण विकास की नींव को मजबुत करता है, छात्रों को राष्ट्र के निर्माण में योगदान लायक बनाता है।
शिक्षक मानव समुदाय के लिए एक अमृत कलश के समान है शिक्षक इस शिक्षा रूपी अमृत का रसास्वादन कर के ही अपने समाज के सर्वांगिण विकास की नींव को मजबुत करता है, छात्रों को राष्ट्र के निर्माण में योगदान लायक बनाता है।
यह विचार जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने मंगलवार को जनशिक्षण विस्तार निदेशालय के अन्तर्गत आयोजित कार्यकर्ता सम्मान समारोह मे अपने उद्बोधन मे दिये।
कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि रजिस्ट्रार प्रो. सी.पी. अग्रवाल ने कहा कार्यकर्ताओं ने विद्यापीठ के विकास के लिए नये आयाम जोड़े आज जो विद्यापीठ है वो कार्यकर्ताओं की मेहनत तथा योग्यता के कारण उॅंचाईयों को छु रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक डॉ. मंजु माडोत ने की।इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. सूनिल चौधरी ने किया। स्वागत उद्बोधन भवानीशंकर दाधीच ने दिया।
धन्यवाद अधिष्ठाता अरूण पानेरी ने ज्ञापित किया। इस अवसर पर पीठ स्थविर प्रो.एस.के. मिश्रा,डॉ.हेमशंकर दाधीच, अरूण पानेरी, कोशल नागदा, स्नेहलता धूपिया, डॉ. धर्मेन्द्र राजोरा,संजीव राजपुरोहित, प्रकाश जादोन, दिनेशचंद्र तिवारी, हिरालाल चौबीसा, आदि उपस्थित थे।
ये हुए सम्मानित, दुर्गाशंकर नंदवाना,भगवती प्रसाद दशोरा, किशनसिंह राजपुरोहित,राकेश जामरिया, रतनसिंह राजपूत, मुकेश आचार्य, मांगीलाल मेघवाल,ए.आर. जीवन, बालहेंग
डामोर,हरीश गन्धर्व,वालूराम मेघवाल, मुकेश नंदवाना,सत्येनपाल, को पगड़ी,उपरना तथा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
