आंगनवाड़ी सेविका के बेटे ने रचा इतिहास, बिना कोचिंग पहले ही प्रयास में बना SDM

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आंगनवाड़ी सेविका के बेटे ने रचा इतिहास, बिना कोचिंग पहले ही प्रयास में बना SDM

Udaipur Times, SDM Kantesh Kumar Success Story : कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता किसी भी परिस्थिति में कदम चूमती है। बिहार के बेगूसराय जिले के रजौरा गांव के रहने वाले कांतेश कुमार ने इसी बात को सच साबित कर दिखाया है। किसान पिता और आंगनवाड़ी सेविका मां के बेटे कांतेश ने BPSC की परीक्षा पहले ही प्रयास में पास कर 167वीं रैंक हासिल की और SDM (उप समाहर्ता) बनने का सपना पूरा कर लिया। इतना ही नहीं, इसी परीक्षा में उन्होंने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) के पद के लिए पूरे राज्य में 5वीं रैंक भी हासिल की।

किसान पिता और आंगनवाड़ी सेविका मां के बेटे ने रचा इतिहास

कांतेश कुमार के पिता अजीत कुमार किसान हैं, जबकि उनकी मां अंशु देवी आंगनवाड़ी सेविका के रूप में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने बेटे की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर कांतेश ने पूरे जिले और राज्य का नाम रोशन किया।

शुरुआत से ही रहे मेधावी छात्र

कांतेश बचपन से ही पढ़ाई में तेज रहे हैं। साल 2017 में उन्होंने सिमुलतला आवासीय विद्यालय से मैट्रिक परीक्षा में पूरे बिहार में 8वीं रैंक हासिल की। इसके बाद विकास विद्यालय, बेगूसराय से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने देश के प्रतिष्ठित NIT तिरुचिरापल्ली (NIT Trichy) में प्रवेश लिया और साल 2023 में सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की।

बिना कोचिंग, सिर्फ सेल्फ स्टडी से मिली सफलता

इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद कांतेश ने प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला किया। उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान या ऑनलाइन क्लास का सहारा नहीं लिया। तैयारी के लिए पहले BPSC के पूरे सिलेबस का गहराई से अध्ययन किया, फिर NCERT, मानक किताबों और विश्वसनीय अध्ययन सामग्री से खुद के नोट्स तैयार किए। उन्हीं नोट्स का लगातार रिवीजन करते हुए उन्होंने पहले ही प्रयास में यह बड़ी सफलता हासिल कर ली।आंगनवाड़ी सेविका के बेटे ने रचा इतिहास

रोज 6 घंटे पढ़ाई का दिया सफलता का मंत्र

कांतेश का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिन-रात पढ़ाई करना जरूरी नहीं है। उनका कहना है कि यदि कोई छात्र रोजाना 6 घंटे पूरी ईमानदारी, अनुशासन और एकाग्रता के साथ पढ़ाई करे, सीमित और भरोसेमंद स्रोतों से तैयारी करे तथा नियमित रिवीजन करता रहे, तो किसी भी बड़ी परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है।

अब IAS बनकर करना चाहते हैं देश सेवा

पहले ही प्रयास में SDM बनने के बाद भी कांतेश का सपना अभी पूरा नहीं हुआ है। उनका लक्ष्य अब संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनना है। उनका कहना है कि वह बड़े स्तर पर देश और समाज की सेवा करना चाहते हैं और इसी उद्देश्य के साथ अपनी आगे की तैयारी जारी रखेंगे।

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