शहर एवं कौम के विकास में अग्रणी रहा अंजुमन तालिमुल इस्लाम
उदयपुर। पिछले 5 वर्षो में अंजुमन तालिमुल इस्लाम ने शहर एवं कौम के विकास में अग्रणी रह कर अनेक जनोपयोगी कार्य किये।
संस्था के सदर मोहम्मद खलील ने बताया कि गत 5 वर्षो में अंजुमन ने अपनी आय बढ़ाने में, समाज में बच्चों को तालीम दिलानें, शहर में कौमी एकता बनाये रखनें, रमजान के समय चाँद पर होने पर विवाद का निपटारा करानें, मदरसों को बढ़ाने, राजस्थान की अनेक मुस्लिम संस्थाओं को अंजुमन से जोड़ने, कौम के गरीब, यतीम लोगों की मदद करनें जैसे अनेक कार्य किये।
उन्होंने बताया कि पांच वर्ष पूर्व अंजुमन के पास मात्र 6 लाख का बैलेन्स था जिसे बढ़ाकर 5 वर्षो में 14 लाख किया। अंजुमन ने कौम के लिये जमीन क्रय करने का निर्णय लिया है। टीपू सुल्तान की जन्म जयंती को पहली बार अंजुमन में मनाकर देश की स्वतंत्रता में उनके योगदान के बारें में बताया गया। सज्जनगर मदरसे का भी आर्थिक विकास किया गया। शास्त्री सर्किल कब्रिस्तान के विवाद का निपटारा किया गया। मोहर्रम पर जिला प्रशासन के साथ मिलकर शहर की झीलों को प्रदुषण से बचानें में मुस्लिम समाज का अहम योगदान रहा। जिसमें संस्था अग्रणी रही।
मोहम्मद खलील ने बताया कि अंजुमन के 114 वर्षो के इतिहास में इस प्रकार का पहली बार कार्य किया गया। अंजुमन के 5 वर्ष निर्विवाद रूप से निकलें। जिसमें कौम के हर सदस्य का योगदान रहा। अंजुमन के आगामी चुनाव के बाद बनने वाली नवीन कार्यकारिणी से यही आग्रह करती है कि वे अंजुमन में जारी कार्यो को आगे बढ़ायें जिसमें वर्तमान कार्यकारिणी का पूर्ण सहयोग रहेगा।
अंजुमन के सचिव रिज़वान खान ने बताया कि अंजुमन जिला प्रशासन से नया खेड़ा क्षेत्र में 5 बीघा जमीन की मांग करती है ताकि वहां पर हाॅस्पीटल, हाॅस्टल, काॅलेज की स्थापना कर हर तबके को सहयोग किया जा सके। अंजुमन ने प्रशासन से शहर में 10 हजार वर्गफीट जमीन की मांग की है ताकि बच्चों के सर्वांगिण विकास के कार्य किये जा सके।
संस्था शहर के विकास में अग्रणी रहकर अपनी भूमिका निभानें के लिये तैयार है क्योंकि अब निगम बोर्ड में 8 पार्षद निर्वाचित हो कर आयें है जबकि पिछली बार यह संख्या मात्र 2 ही थी। अंजुमन ने वक्फ बोर्ड को आश्वस्त किया की देहलीगेट चौराहे पर मस्जिद की जमीन पर काबिज दुकान किरायेदारों को ही नयी जमीन पर पुनः दुकानें का आंवटित की जायेगी। इस अवसर पर नायाब सदर मुनव्वर खान, तालीम कन्वीनर सैयद मुर्तजा हुसैन भी मौजूद थे।
