रक्षा मंत्री व सेना प्रमुख से उबेश्वर पहाड़ियों को नही काटने की अपील


रक्षा मंत्री व सेना प्रमुख से उबेश्वर पहाड़ियों को नही काटने की अपील

झील प्रेमियों ने उबेश्वर रोड पर भारतीय सेना द्वारा बनाये जा रहे वृहत भवन कॉम्प्लेक्स में पहाड़ो की कटाई नही करने व मलबे को नदी में नही डालने का आग्रह प्रस्तुत किया है। रविवार को आयोजित झील संवाद में राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थानों के प्रति पूर्ण सहयोग व समर्थन का विश्वास व्यक्त करते हुए सेना से क्षेत्र के पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान रखने को कहा गया।

 
रक्षा मंत्री व सेना प्रमुख से उबेश्वर पहाड़ियों को नही काटने की अपील

झील प्रेमियों ने उबेश्वर रोड पर भारतीय सेना द्वारा बनाये जा रहे वृहत भवन कॉम्प्लेक्स में पहाड़ो की कटाई नही करने व मलबे को नदी में नही डालने का आग्रह प्रस्तुत किया है। रविवार को आयोजित झील संवाद में राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थानों के प्रति पूर्ण सहयोग व समर्थन का विश्वास व्यक्त करते हुए सेना से क्षेत्र के पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान रखने को कहा गया।

इस संबंध में झील संरक्षण समिति के डॉ तेज राज़दान व डॉ अनिल मेहता ने रक्षा मंत्री, रक्षा सचिव व थल सेना प्रमुख को पत्र लिखा। पत्र में पहाड़ो की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए बताया गया है कि उबेश्वर क्षेत्र के पहाड़ो की कटाई से बड़ी झील में पानी की आवक प्रभावित होगी तथा झील के पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पंहुचेगा।

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डॉ अनिल मेहता ने कहा कि बड़ी झील तंत्र हिमालयी पारिस्थितिक तंत्र से समरूपता रखता है। भविष्य में हिमालय में कोई पर्यावरणीय संकट आया तो यह झील एक जीन बैंक की तरह मददगार होगी। अतः बड़ी झील की सुरक्षा जरूरी है। झील विकास प्राधिकरण के सदस्य तेज शंकर पालीवाल ने कहा कि उबेश्वर के पहाड़ एक पर्यावरणीय विरासत है। सेना को पहाडों में स्थल आकृति (टोपोग्राफी) के अनुरूप निर्माण की विशेषज्ञता है। सेना को चाहिए कि वो पहाड़ो को काटे बिना निर्माण करे तथा उदयपुर को भी सिखाये कि पहाड़, नदी, झील की सुरक्षा वाला पर्यावरण मित्र विकास हो सकता है।

रक्षा मंत्री व सेना प्रमुख से उबेश्वर पहाड़ियों को नही काटने की अपील

गांधी मानव कल्याण समिति के निदेशक नंद किशोर शर्मा ने कहा कि पहाड़ो के ढलानों को बिगाड़ने व मलबे को जल प्रवाह मार्ग में फैलाने से उदयपुर की झीलों में जल आवक प्रभावित होगी। सेना से अपेक्षा है कि वो उदयपुर की झील प्रणाली को किसी प्रकार से नुकसान नही पहुचायेगी।

संवाद से पूर्व निगम आयुक्त के सरकारी आवास के सामने की तरफ फतेहसागर झील क्षेत्र में श्रमदान कर भारी मात्रा में कचरे व गंदगी को हटाया गया। श्रमदान में पल्लब दत्ता, कुशल रावल, रमेश चंद्र राजपूत, रामलाल गहलोत, सुमित विजय, सुश्री रितेश शेखावत, कृणाल कोष्ठी, विजय मारू ने भाग लिया।

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