क्या आप भी बना रहे है वीकेंड पर घूमने का प्लान ! आज ही भीड़भाड़ के इलाकों को छोड़कर करें इन जगहों की सैर

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क्या आप भी बना रहे है वीकेंड पर घूमने का प्लान ! आज ही भीड़भाड़ के इलाकों को छोड़कर करें इन जगहों की सैर 

Udaipur Times, New Delhi : गर्मियों की छुट्टियां हों या सर्दियों का मौसम, पहाड़ों की सैर का अपना अलग ही मजा है। अगर आप दिल्ली-NCR की भागदौड़ और भीड़भाड़ से कुछ समय के लिए दूर जाकर शांत वातावरण में प्रकृति का आनंद लेना चाहते हैं, तो उत्तराखंड का नाग टिब्बा आपके लिए बेहतरीन वीकेंड डेस्टिनेशन हो सकता है। मसूरी से करीब 3 घंटे की दूरी पर स्थित यह पहाड़ी इलाका अपनी ठंडी हवाओं, घने जंगलों, शांत माहौल और हिमालय की खूबसूरत चोटियों के शानदार नजारों के लिए जाना जाता है। 

नाग टिब्बा उन लोगों के लिए खास है जो कम समय में पहाड़ों का रोमांच महसूस करना चाहते हैं। यहां आपको लंबी छुट्टी की जरूरत नहीं पड़ती। ट्रेकिंग, कैंपिंग, स्टारगेजिंग और पहाड़ों के बीच सूर्योदय-सूर्यास्त देखने का अनुभव इसे खास बनाता है। खास बात यह है कि नाग टिब्बा ट्रेक को उत्तराखंड के लोकप्रिय वीकेंड ट्रेक्स में गिना जाता है और शुरुआती ट्रेकर्स भी उचित तैयारी के साथ इसे कर सकते हैं।

गढ़वाल हिमालय की नाग टिब्बा रेंज की सबसे ऊंची चोटी

नाग टिब्बा गढ़वाल हिमालय की नाग टिब्बा रेंज की सबसे ऊंची चोटी है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से करीब 9,910 फीट बताई जाती है। चारों तरफ फैले घने जंगल, पहाड़ी रास्ते और दूर तक नजर आने वाली हिमालयी चोटियां इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देती हैं। 

Nagtibba hill station is best trekking place for tourist in uttarakhand in  winter | Nagtibba: हिमालय की इस चोटी पर सूर्योदय-सूर्यास्त का दिलकश नजारा,  ट्रेकिंग के लिए लगती है टूरिस्ट की लंबी लाइन | Hindi News, UPUK Trending  News

नाग टिब्बा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां नाग देवता का निवास माना जाता है और आसपास के गांवों के लोग नाग देवता की पूजा-अर्चना करने के लिए यहां आते हैं। इसी स्थानीय मान्यता से इस जगह का नाम नाग टिब्बा पड़ा माना जाता है।

चोटी से दिखता है हिमालय की चोटियों का शानदार नजारा

नाग टिब्बा की सबसे बड़ी खासियत यहां से मिलने वाला हिमालय का विहंगम दृश्य है। मौसम साफ होने पर चोटी से बंदरपूंछ, केदारनाथ, गंगोत्री और श्रीकंठ जैसी कई प्रसिद्ध हिमालयी चोटियों के खूबसूरत नजारे दिखाई देते हैं। ऊंचाई पर पहुंचने के बाद चारों तरफ फैले पहाड़ों को देखना ट्रेकर्स के लिए यादगार अनुभव बन जाता है। 

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यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा भी बेहद आकर्षक माना जाता है। सुबह की पहली किरण जब हिमालय की चोटियों पर पड़ती है, तो पूरा पहाड़ी इलाका अलग ही रंग में नजर आता है। वहीं शाम के समय डूबते सूरज के साथ पहाड़ों का बदलता रंग इस सफर को और खास बना देता है।

ओक और देवदार के जंगलों से होकर गुजरता है ट्रेक

एडवेंचर और ट्रेकिंग पसंद करने वालों के लिए नाग टिब्बा एक अच्छा विकल्प है। ट्रेक के दौरान रास्ते में घने ओक और देवदार के जंगल देखने को मिलते हैं। शांत जंगलों के बीच पहाड़ी रास्ते पर चलते हुए ठंडी हवा और प्राकृतिक वातावरण ट्रेकिंग के अनुभव को खास बना देते हैं। 

नाग टिब्बा ट्रेक को बहुत कठिन ट्रेक की श्रेणी में नहीं रखा जाता। यही वजह है कि इसे शुरुआती ट्रेकर्स के बीच भी काफी पसंद किया जाता है। हालांकि, पहाड़ों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए ट्रेक पर जाने से पहले मौसम, रास्ते और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेना जरूरी है।

मसूरी से पंतवाड़ी गांव तक करीब 3 घंटे की ड्राइव

अगर आप दिल्ली-NCR, देहरादून या मसूरी की तरफ से नाग टिब्बा जाने का प्लान बना रहे हैं तो सड़क मार्ग से यहां पहुंचा जा सकता है। मसूरी से नैनबाग होते हुए पंतवाड़ी गांव पहुंचना होता है। मसूरी से पंतवाड़ी तक पहुंचने में करीब 3 घंटे का समय लग सकता है, हालांकि वास्तविक यात्रा समय सड़क और ट्रैफिक की स्थिति पर निर्भर करता है। 

पंतवाड़ी गांव नाग टिब्बा ट्रेक का प्रमुख बेस प्वाइंट है। यहीं से ट्रेकर्स अपनी पैदल यात्रा शुरू करते हैं। इसलिए नाग टिब्बा जाने वाले लोगों के लिए पंतवाड़ी तक पहुंचने और वहां से ट्रेक की तैयारी करने की योजना पहले से बनाना बेहतर रहता है।

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पंतवाड़ी से नाग टिब्बा टॉप तक 8 से 10 किलोमीटर का ट्रेक

पंतवाड़ी से नाग टिब्बा टॉप तक पैदल दूरी करीब 8 से 10 किलोमीटर बताई जाती है। आमतौर पर इस ट्रेक को दो दिनों में पूरा करने की योजना बनाई जाती है। पहले दिन पंतवाड़ी से ट्रेक शुरू करके नाग टिब्बा बेस कैंप की तरफ बढ़ा जाता है, जहां रात में कैंपिंग की जाती है। दूसरे दिन सुबह जल्दी चोटी की ओर चढ़ाई शुरू की जाती है। 

तड़के टॉप पर पहुंचने पर सूर्योदय और आसपास की हिमालयी चोटियों का शानदार नजारा देखने का मौका मिलता है। इसके बाद ट्रेकर्स वापस बेस कैंप और फिर पंतवाड़ी की ओर लौट सकते हैं। यात्रा की योजना बनाते समय अपनी फिटनेस और मौसम की स्थिति के अनुसार समय रखना जरूरी है।

कैंपिंग और स्टारगेजिंग का भी उठा सकते हैं मजा

नाग टिब्बा सिर्फ ट्रेकिंग तक सीमित नहीं है। यहां कैंपिंग और स्टारगेजिंग भी लोगों को आकर्षित करती है। बेस कैंप के आसपास रात में खुले आसमान के नीचे बैठकर तारों को देखना शहर की रोशनी और शोर से बिल्कुल अलग अनुभव देता है।

कैंपिंग के दौरान बोनफायर के आसपास दोस्तों या परिवार के साथ समय बिताना भी इस यात्रा को यादगार बना सकता है। पहाड़ों की शांति और रात के समय आसमान में दिखाई देने वाले सितारे इस जगह को वीकेंड ट्रिप के लिए खास बनाते हैं।

अक्टूबर से मार्च तक बर्फबारी का ले सकते हैं मजा

नाग टिब्बा में मौसम के अनुसार अलग-अलग तरह का अनुभव मिलता है। हालांकि यहां अलग-अलग मौसम में जाया जा सकता है, लेकिन अक्टूबर से मार्च के बीच का समय पहाड़ों और सर्दियों का अनुभव लेने वालों को खास पसंद आ सकता है। सर्दियों के दौरान बर्फबारी होने पर ट्रेक का रास्ता और आसपास का इलाका सफेद चादर से ढका नजर आ सकता है। 

अगर आप बर्फबारी के दौरान नाग टिब्बा जाने की योजना बना रहे हैं तो मौसम का पूर्वानुमान और स्थानीय स्थिति जरूर जांचें। बर्फ के कारण रास्ता फिसलन भरा हो सकता है, इसलिए उचित जूते, गर्म कपड़े और जरूरी ट्रेकिंग गियर साथ रखना बेहतर है।

कम समय में पहाड़ों का पूरा अनुभव

नाग टिब्बा की खासियत यही है कि यहां ट्रेकिंग, हिमालयी नजारे, जंगल, कैंपिंग और शांति का अनुभव एक ही यात्रा में मिल जाता है। दिल्ली-NCR और आसपास के शहरों से वीकेंड पर पहाड़ों की ओर निकलने वालों के लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है। 

अगर आप लंबे ट्रेक या कई दिनों की छुट्टी के बजाय कम समय में हिमालय के करीब जाना चाहते हैं, तो नाग टिब्बा आपकी अगली वीकेंड ट्रिप की लिस्ट में शामिल हो सकता है। हालांकि, पहाड़ी यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी, ट्रेक की स्थिति और स्थानीय गाइड/ऑपरेटर की सलाह लेना हमेशा बेहतर रहता है।

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