‘आवरी माता की कथा’ पुस्तक का अरविन्द सिंह मेवाड़ ने किया विमोचन
जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के साहित्य संस्थान में कार्यरत साहित्यकार डॉ. महेश आमेटा की नवरचित पुस्तक आवरी माता की कथा का विमोचन गत दिवस महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ ने शंभू निवास पैलेस में किया।
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जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के साहित्य संस्थान में कार्यरत साहित्यकार डॉ. महेश आमेटा की नवरचित पुस्तक आवरी माता की कथा का विमोचन गत दिवस महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ ने शंभू निवास पैलेस में किया।
डॉ. आमेटा द्वारा लिखित 56 पृष्ठीय पुस्तक में मंदिर का प्राचीन वैभव, उत्सव, आसावरा माता की कथा माताजी से संबंधित अन्य मंदिर पुजारी एवं पूजा की विधि, श्रृंगार, यज्ञ-हवन, भोग, आरती एवं भक्ति के बारे में सचित्र जानकारी दी गई है। पुस्तक का मूल्य पैंतीस रूपए है। पुस्तक प्रकाशन में फाउण्डेशन ने आर्थिक सहयोग प्रदान किया है।
पुस्तक विमोचन के अवसर पर श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ ने महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन एवं एकलिंगजी ट्रस्ट द्वारा आवरीमाता मंदिर परिसर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में किए गए जनहित कार्यों के बारे में जानकारी दी। जर्नादन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलपति एस.एस. सारंगदेवोत ने फाउण्डेशन द्वारा सामाजिक, शैक्षिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

इस अवसर पर इतिहासविद मनोहर सिंह राणावत ने मेवाड़ के शक्तिपीठ आवरीमाता के इतिहास पर जानकारी दी। पुस्तक लोकार्पण समारोह में फाउण्डेशन के ट्रस्टी लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ एवं उनकी धर्मपत्नी निवृत्ति कुमारी मेवाड़ भी उपस्थित थीं।
पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान गुड़ली आवरी माता मंदिर के पुजारियों ने श्रीजी को आवरीमाता की रंगीन तस्वीर भेंट की। समारोह के अंत में श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ ने पधारे हुए समस्त अतिथियों के साथ सामूहिक फोटो खिंचवाया।
