SDM बनते ही लिया धाकड़ फैसला, गुटखा और बीड़ी को हटवाने का दिया निर्देश, जानिए कौन हैं क्षिप्रा पाल ?

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SDM बनते ही लिया धाकड़ फैसला, गुटखा और बीड़ी को हटवाने का दिया निर्देश, जानिए कौन हैं क्षिप्रा पाल ?

Udaipur Times, SDM Kshipra Pal : SDM बनने तक का क्षिप्रा पाल (Kshipra Pal) का सफ़र वाकई दिलचस्प है। खास बात यह है कि पद संभालने के बाद, उन्होंने अपने इलाके में स्कूल के गेट के पास गुटखा और बीड़ी बेचने वाली दुकानों को हटाने का आदेश दिया। इस कदम ने उन्हें उत्तर प्रदेश की जानी-मानी SDM के तौर पर मशहूर कर दिया। आइए, उनके सफ़र पर करीब से नज़र डालते हैं।

कौन हैं क्षिप्रा पाल (Kshipra Pal)?

क्षिप्रा पाल उत्तर प्रदेश के बस्ती ज़िले की रहने वाली हैं। उनका पैतृक गाँव बांसगाँव है, जो मुंडेरवा पुलिस स्टेशन इलाके में आता है। उनके परिवार और गाँव वालों को उनकी कामयाबी पर बहुत गर्व है। उन्होंने UP PCS परीक्षा पास की, एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में जगह बनाई और SDM के तौर पर नियुक्त हुईं।

SDM बनते ही लिया धाकड़ फैसला

पहले ही प्रयास में 34वीं रैंक

क्षिप्रा की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने मुश्किल UP PCS परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की और 34वीं रैंक पाई। यह कामयाबी दिखाती है कि सही दिशा और लगातार मेहनत से कोई भी पहले प्रयास में ही बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।

पिता भी हैं IPS अधिकारी 

क्षिप्रा पाल को देश सेवा का जज़्बा अपने परिवार से मिला। उनके पिता, ओमप्रकाश पाल, छत्तीसगढ़ में IPS अधिकारी हैं। ऐसे माहौल में पली-बढ़ीं क्षिप्रा ने कम उम्र से ही प्रशासन और जनसेवा के कामकाज को करीब से देखा। हालांकि, सिर्फ़ पारिवारिक बैकग्राउंड ही परीक्षा में सफलता की गारंटी नहीं देता। क्षिप्रा ने अपनी पढ़ाई में खूब मेहनत की और अपनी अलग पहचान बनाई। पढ़ाई के प्रति उनकी गंभीरता उनके करियर के सफ़र की शुरुआत से ही साफ़ दिख रही थी।

रायपुर से दिल्ली और JNU तक

क्षिप्रा पाल ने अपनी स्कूली शिक्षा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पूरी की; वह केंद्रीय विद्यालय की छात्रा थीं। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मशहूर सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया।

ग्रेजुएशन के बाद, क्षिप्रा ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से अपनी मास्टर डिग्री (MA) पूरी की। पढ़ाई के साथ-साथ, उन्हें फ़ोटोग्राफ़ी और पेंटिंग में भी गहरी दिलचस्पी है। दूसरे शब्दों में, किताबों और कॉम्पिटिटिव एग्ज़ाम की तैयारी पर ध्यान देने के अलावा, उन्होंने कला और क्रिएटिव गतिविधियों में भी रुचि दिखाई है।

SDM बनते ही लिया धाकड़ फैसला

SDM बनते ही एक बढ़िया फ़ैसला लिया

पद संभालने के बाद क्षिप्रा पाल के एक खास फ़ैसले ने सबका ध्यान खींचा। उन्होंने स्कूल गेट के पास गुटखा और बीड़ी बेचने वाली एक दुकान को हटाने का आदेश दिया। स्कूलों के आस-पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है, क्योंकि इसका बच्चों और युवाओं पर सीधा असर पड़ सकता है।

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